12 फरवरी 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त
इस दिन गृह प्रवेश हो सकता है या नहीं, और किस समय
यह वर्ष बीत चुका है। वर्तमान गृह प्रवेश मुहूर्त देखने के लिए 2026 के मुहूर्त देखें। गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 →
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शुभ गृह प्रवेश दिन
बुधवार, 12 फरवरी 2025
मुहूर्त उपलब्ध नहींमुख्य कारणइस दिन गृह प्रवेश के लिए उपयुक्त नक्षत्र उपलब्ध नहीं है।
अगला शुभ दिन
15 फरवरी 2025, शनिवार 08:52 AM – 09:55 AM कृष्ण पक्ष तृतीया · उत्तरा फाल्गुनी →यह तारीख क्यों स्वीकार नहीं हुई?
- वार
- बुधवार
- चंद्र मास (अमान्त)
- माघ
- अधिक मास
- नहीं
- गुरु अस्त
- नहीं
- शुक्र अस्त
- नहीं
- सूर्योदय – सूर्यास्त
- –
- अंतिम स्थिति
- उपलब्ध नहीं
इस दिन गृह प्रवेश के लिए उपयुक्त नक्षत्र उपलब्ध नहीं है।
गृह प्रवेश मुहूर्त के बारे में
गृह प्रवेश नए घर में पहली बार प्रवेश का संस्कार है। इस पृष्ठ की सभी तिथियाँ आपके चुने हुए स्थान के पंचांग से निकाली जाती हैं — कोई सूची पहले से लिखी हुई नहीं है — और हर समय उसी शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का होता है।
गृह प्रवेश की तिथियां कैसे चुनी जाती हैं
पहले चंद्र मास देखा जाता है, फिर अधिक मास, गुरु और शुक्र का अस्त, तिथि, नक्षत्र और वार। इतनी जाँच के बाद जो दिन बचते हैं, उनमें सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय लिया जाता है और उसमें से राहुकाल, गुलिक, यमगण्ड, भद्रा, वर्ज्यम् तथा दुर्मुहूर्त हटा दिए जाते हैं। अंत में बचा हुआ समय चौघड़िया पर बाँटकर केवल शुभ भाग दिखाए जाते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- समय स्थान के अनुसार बदलता है — दूसरे शहर के लिए स्थान बदलकर वही तिथि दोबारा देखें।
- रात्रि का मुहूर्त नहीं दिया जाता; यदि किसी दिन शुभ समय केवल रात में पड़े तो वह दिन नहीं दिखाया जाता।
- ये तिथियाँ सामान्य पंचांग की हैं। जन्म कुंडली के अनुसार और सटीक समय के लिए कैलकुलेटर का उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह तिथियाँ मेरी कुंडली के अनुसार हैं?
नहीं। यह सामान्य पंचांग के अनुसार हैं। जन्म विवरण देने पर चंद्र शुद्धि, तारा बल और लग्न देखकर इन्हीं में से आपके लिए सबसे उपयुक्त समय चुना जाता है।
किसी महीने में कोई शुभ दिन क्यों नहीं होता?
क्योंकि उस महीने की तिथियों में आवश्यक चंद्र मास, नक्षत्र, तिथि और वार एक साथ नहीं मिलते, या गुरु/शुक्र अस्त रहते हैं। पृष्ठ पर उस महीने का वास्तविक कारण लिखा रहता है।
क्या समय शहर के अनुसार बदलता है?
हाँ। सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, चौघड़िया और लग्न — सब स्थान से बदलते हैं, इसलिए पृष्ठ पर वह स्थान लिखा रहता है जिसके लिए गणना हुई है।