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▣ आज का पंचांग

KundliLive पर्व संग्रह

संक्रांति त्योहार

सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश को संक्रांति कहते हैं। मकर संक्रांति, पोंगल, विषु और पुत्ताण्डु जैसी क्षेत्रीय परंपराओं को एक ही धार्मिक विधि या मुहूर्त न समझें।

पर्व और उनका परिचय

मकर संक्रांति

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश

मकर संक्रांति सौर संक्रमण से जुड़ा पर्व है। तिल-गुड़, दान, स्नान और पतंगोत्सव जैसी परंपराएँ अनेक क्षेत्रों में मिलती हैं।

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पोंगल

तमिल सौर मास तै का आरंभ

पोंगल तमिल फसल-उत्सव है। सूर्य, कृषि और पशुधन के प्रति कृतज्ञता इसकी प्रमुख भावना है।

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पुत्ताण्डु

तमिल सौर नववर्ष

पुत्ताण्डु तमिल नववर्ष का स्वागत है। परिवार मंदिर-दर्शन, शुभ भोजन और नई शुरुआत की परंपराएँ निभाते हैं।

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विषु

मलयालम मेष/मेडम सौर संक्रमण का समय

विषु केरल में विषुक्कणि और पारिवारिक शुभकामनाओं की परंपरा से जुड़ा पर्व है।

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इस संग्रह को समझें

संक्रांति क्षण और पुण्यकाल

संक्रांति सूर्य के राशि-प्रवेश का क्षण है। स्नान, दान या पूजा के लिए प्रचलित पुण्यकाल उससे अलग अवधि हो सकती है। केवल प्रवेश की तारीख देखकर पूरे दिन को एक जैसा मुहूर्त न मानें।

क्षेत्रीय उत्सव कैसे जुड़े हैं?

मकर संक्रांति और पोंगल में सूर्य तथा फसल का संबंध दिखाई देता है, लेकिन रस्में क्षेत्रानुसार अलग हैं। विषु और पुत्ताण्डु के अपने नववर्ष-संबंधी आयोजन हैं। नीचे का संग्रह इन संबंधों को समझने के लिए है, समान पूजा-विधि घोषित करने के लिए नहीं।