KundliLive पर्व संग्रह
विष्णु के 24 अवतार
पौराणिक सूचियों में अवतारों की गिनती और क्रम भिन्न मिलते हैं। यहाँ प्रचलित चौबीस-अवतार सूची का नाम-परिचय है; इसे दशावतार के दस नामों वाली सूची से अलग पढ़ें।
जानकारी और परंपरा
सनकादि
कुमार ऋषियों का समूह।
वराह
पृथ्वी-उद्धार से संबद्ध रूप।
नारद
देवर्षि का रूप।
नर-नारायण
तपस्या से जुड़े ऋषि-रूप।
कपिल
सांख्य-परंपरा से जुड़ा नाम।
दत्तात्रेय
गुरु-परंपरा का पूज्य रूप।
यज्ञ
यज्ञ-पुरुष का रूप।
ऋषभ
ऋषभदेव का रूप।
पृथु
राजा पृथु का रूप।
मत्स्य
मछली का रूप।
कूर्म
कच्छप का रूप।
धन्वंतरि
समुद्र-मंथन से जुड़ा रूप।
मोहिनी
मोहिनी का रूप।
नरसिंह
नर-सिंह का रूप।
वामन
वामन ब्राह्मण का रूप।
हयग्रीव
अश्वमुख रूप।
हंस
हंस रूप।
परशुराम
ऋषि-योद्धा का रूप।
वेदव्यास
वेद-विभाजन की परंपरा से जुड़ा रूप।
राम
रामायण के राम।
बलराम
कृष्ण के अग्रज।
कृष्ण
गीता के उपदेशक।
बुद्ध
सूची में सम्मिलित बुद्ध-रूप।
कल्कि
भविष्य के अवतार की मान्यता।
इस संग्रह को समझें
चौबीस नामों की सूची का उपयोग
यह नाम-परिचय विष्णु से संबंधित अनेक रूपों और कथाओं तक पहुँचने का आरंभ है। ऋषि-रूप, उपदेशक और पौराणिक अवतार एक विस्तृत परंपरा में आते हैं। प्रत्येक नाम के लिए स्वतंत्र वार्षिक जन्मोत्सव मान लेना सही नहीं है।
दशावतार से तुलना
दशावतार की दस प्रमुख रूपों वाली सूची और चौबीस रूपों का विस्तृत परिचय अलग हैं। ग्रंथ तथा संप्रदाय के अनुसार क्रम और गणना बदल सकते हैं। विशेष कथा का अध्ययन करते समय उसके मूल ग्रंथ और स्थानीय पाठ-परंपरा को साथ रखें।