स्थान और सूर्योदय पर आधारित दैनिक समय
आज का राहु काल कितने बजे से कितने बजे तक है?
Rahu Kaal Today — Bhilwara, 23 अक्टूबर 2026
हर दिन की करीब नब्बे मिनट की अशुभ अवधि, जो वार और आपके स्थानीय सूर्योदय से तय होती है — कोई भी महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से पहले अपने शहर का आज का राहु काल देखें।
आज के राहु काल का समय आपके चुने हुए स्थान के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर निकाला गया है। स्थान बदलने पर समय भी बदल सकता है।
शुक्रवार · 23 अक्टूबर 2026
⌖ Bhilwara, Rajasthan, India
- सूर्योदय
- 06:34 AM
- सूर्यास्त
- 05:57 PM
- अवधि
- 1 घंटा 26 मिनट
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Bhilwara के स्थानीय समय
अशुभ समय — इनसे बचें
आपके स्थान के लिए अगले सात दिनों का राहु काल, यमगण्ड काल और गुलिक काल स्थानीय सूर्योदय व सूर्यास्त के आधार पर। तारीख पर क्लिक करके उस दिन का पूरा पंचांग देखें।
| तिथि | राहु कालनया शुभ कार्य आरंभ न करें | यमगण्ड कालपरंपरागत अशुभ अवधि | गुलिक कालपरंपरागत अशुभ अवधि | सूर्योदय–सूर्यास्तस्थानीय दिनमान |
|---|---|---|---|---|
| शुक्रवारआज 23 अक्टूबर 2026 | 10:50 AM – 12:15 PM | 03:06 PM – 04:31 PM | 07:59 AM – 09:24 AM | 06:34 AM – 05:57 PM |
| शनिवार 24 अक्टूबर 2026 | 09:24 AM – 10:49 AM | 01:40 PM – 03:05 PM | 04:30 PM – 05:56 PM | 06:34 AM – 05:56 PM |
| रविवार 25 अक्टूबर 2026 | 04:30 PM – 05:55 PM | 12:15 PM – 01:40 PM | 03:05 PM – 04:30 PM | 06:35 AM – 05:55 PM |
| सोमवार 26 अक्टूबर 2026 | 08:00 AM – 09:25 AM | 10:50 AM – 12:15 PM | 01:40 PM – 03:05 PM | 06:35 AM – 05:55 PM |
| मंगलवार 27 अक्टूबर 2026 | 03:04 PM – 04:29 PM | 09:25 AM – 10:50 AM | 12:15 PM – 01:39 PM | 06:36 AM – 05:54 PM |
| बुधवार 28 अक्टूबर 2026 | 12:15 PM – 01:39 PM | 08:01 AM – 09:26 AM | 10:50 AM – 12:15 PM | 06:37 AM – 05:53 PM |
| गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 | 01:38 PM – 03:03 PM | 04:27 PM – 05:52 PM | 09:25 AM – 10:50 AM | 06:37 AM – 05:52 PM |
इंटरनेट पर मिलने वाला 6 बजे सूर्योदय और 6 बजे सूर्यास्त वाला साप्ताहिक चार्ट केवल सामान्य उदाहरण है। वास्तविक राहु काल शहर, तारीख, सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे होता है।
कल का स्थानीय समय
कल का राहु काल कितने बजे से कितने बजे तक है?
Bhilwara में 24 अक्टूबर 2026, शनिवार का राहु काल 09:24 AM से 10:49 AM तक रहेगा।राहु काल क्या है?
पंचांग परंपरा में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को आठ बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। सप्ताह के दिन के अनुसार इनमें से एक हिस्सा राहु काल माना जाता है। यही कारण है कि राहु काल को हर दिन ठीक 90 मिनट मान लेना सही नहीं है। दिन की लंबाई बदलने और अलग-अलग शहरों में सूर्योदय-सूर्यास्त का समय अलग होने से इसकी शुरुआत और समाप्ति भी बदलती रहती है।
राहु काल मुख्य रूप से किसी नए या शुभ काम की शुरुआत के समय देखा जाता है। पहले से चल रहे रोजमर्रा के काम रोकना इसका उद्देश्य नहीं माना जाता। स्थान और तारीख चुनकर निकाला गया समय सामान्य साप्ताहिक तालिका से अधिक उपयोगी होता है।
राहु काल की गणना कैसे होती है?
पहले चुने हुए शहर का स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त निकाला जाता है। इनके बीच के दिनमान को आठ समान भागों में बाँटकर वार के अनुसार राहु वाला भाग चुना जाता है। रविवार को आठवाँ, सोमवार को दूसरा, मंगलवार को सातवाँ, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, शुक्रवार को चौथा और शनिवार को तीसरा भाग राहु काल होता है।
इस पेज पर समय KundliLive के उसी पंचांग इंजन से आता है जो दैनिक पंचांग और ऊपर के दिन-सार में उपयोग होता है। इसलिए यहाँ दिखाई गई शुरुआत, समाप्ति और minute rounding उसी तारीख और स्थान के पंचांग से मेल रखती है।
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
पारंपरिक पंचांग मान्यता में राहु काल के दौरान किसी महत्वपूर्ण नए शुभ कार्य की शुरुआत टालने की सलाह दी जाती है। जैसे नया व्यापार शुरू करना, किसी बड़े समझौते पर पहली बार हस्ताक्षर करना, गृह प्रवेश या विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुरू करना, या विशेष यात्रा का शुभारंभ करना। यह सावधानी शुरुआत के समय से जुड़ी है; इससे किसी परिणाम की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जाती।
- नया व्यवसाय
- नई महत्वपूर्ण डील
- गृह प्रवेश
- विवाह का शुभ आरंभ
- नई यात्रा का शुभारंभ
- वाहन या संपत्ति का नया शुभ कार्य
राहु काल में क्या कर सकते हैं?
राहु काल का अर्थ यह नहीं है कि इस दौरान हर काम बंद कर दिया जाए। पहले से चल रहे काम, नौकरी, पढ़ाई, नियमित यात्रा, सामान्य पूजा और जरूरी काम किए जा सकते हैं। परंपरा मुख्य रूप से नए शुभ कार्य की शुरुआत को लेकर सावधानी रखने की बात करती है। आपात या आवश्यक काम को केवल इस अवधि के कारण रोकना व्यावहारिक नहीं है।
यदि कोई काम पहले शुरू हो चुका है और उसी समय आगे चलता है, तो उसे नई शुरुआत नहीं माना जाता। बड़े मांगलिक कार्य के लिए राहु काल के साथ तिथि, नक्षत्र और कार्य-विशेष मुहूर्त भी अलग से देखे जाते हैं।
रविवार का राहु काल कब होता है?
रविवार को सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच आठवाँ और अंतिम भाग राहु काल माना जाता है। इसलिए यह आम तौर पर शाम के समय आता है, लेकिन सही समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है। ऊपर की साप्ताहिक सूची चुने हुए शहर के वास्तविक समय से बनी है, इसलिए fixed 4:30 PM या 6:00 PM जैसी धारणा पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।
सीधे उत्तर
राहु काल से जुड़े सामान्य सवाल
आज का राहु काल कितने बजे से कितने बजे तक है?
आज Bhilwara में राहु काल 10:50 AM से 12:15 PM तक है।
कल का राहु काल कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा?
Bhilwara में 24 अक्टूबर 2026, शनिवार का राहु काल 09:24 AM से 10:49 AM तक रहेगा।
क्या राहु काल हर शहर में एक ही समय पर होता है?
नहीं। राहु काल स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित है, इसलिए दिल्ली, जयपुर, मुंबई या किसी दूसरे शहर में समय अलग हो सकता है।
क्या राहु काल हमेशा 90 मिनट का होता है?
नहीं। इसे लगभग डेढ़ घंटे का माना जाता है, लेकिन वास्तविक अवधि दिन की कुल daylight length का आठवाँ हिस्सा होती है।
क्या राहु काल में जरूरी काम किया जा सकता है?
जरूरी और पहले से चल रहे काम किए जा सकते हैं। पारंपरिक मान्यता मुख्य रूप से नए शुभ कार्य की शुरुआत टालने से जुड़ी है।
क्या रात में भी राहु काल होता है?
दैनिक राहु काल की सामान्य पंचांग गणना सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के दिनमान पर आधारित होती है।