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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

18 अक्टूबर 1944 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 18 अक्टूबर 1944, बुधवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि प्रतिपदा 02:00 PM तक, इसके बाद द्वितीया अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र स्वाती 19 अक्टूबर, 2:22 AM तक, इसके बाद विशाखा अगले सूर्योदय तक जारी। योग विष्कुम्भ 10:09 AM तक, इसके बाद प्रीति अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 01:59 PM तक, इसके बाद बालव 19 अक्टूबर, 2:50 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

18 अक्टूबर 1944, बुधवार को राहु काल 01:16 PM–02:42 PM तक है। चन्द्रमा तुला राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:31 AM और सूर्यास्त 07:02 PM है।

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बुधवार

पंचांग 18/10/1944 • October 18, 1944

कार्तिक · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:31 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चन्द्रोदय07:59 PM
चन्द्रास्त08:14 AM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

18 अक्टूबर 1944 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास कार्तिक, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि तुला, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:53 PM–01:39 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:51 AM–06:41 AM

निशीथ काल12:51 AM–01:41 AM

अशुभ काल

राहु काल01:16 PM–02:42 PM

यमगण्ड08:57 AM–10:23 AM

गुलिक काल11:50 AM–01:16 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:31 AM–09:49 AMसंगव 09:49 AM–12:07 PMमध्याह्न 12:07 PM–02:25 PMअपराह्न 02:25 PM–04:43 PMसायाह्न 04:43 PM–07:01 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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18 अक्टूबर 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

18 अक्टूबर 1944 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 02:00 PM तक है, इसके बाद द्वितीया तिथि रहेगी।

18 अक्टूबर 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:16 PM से 02:42 PM तक है।

18 अक्टूबर 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 07:31 AM–08:31 AMचंद्र 08:31 AM–09:31 AMशनि 09:31 AM–10:31 AMगुरु 10:31 AM–11:31 AMमंगल 11:31 AM–12:31 PMसूर्य 12:31 PM–01:31 PMशुक्र 01:31 PM–02:31 PMबुध 02:31 PM–03:31 PMचंद्र 03:31 PM–04:31 PMशनि 04:31 PM–05:31 PMगुरु 05:31 PM–06:31 PMमंगल 06:31 PM–07:31 PMसूर्य 07:31 PM–08:31 PMशुक्र 08:31 PM–09:31 PMबुध 09:31 PM–10:31 PMचंद्र 10:31 PM–11:31 PMशनि 11:31 PM–12:31 AMगुरु 12:31 AM–01:31 AMमंगल 01:31 AM–02:31 AMसूर्य 02:31 AM–03:31 AMशुक्र 03:31 AM–04:31 AMबुध 04:31 AM–05:31 AMचंद्र 05:31 AM–06:31 AMशनि 06:31 AM–07:31 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:16 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.081825°