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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

17 अक्टूबर 1944 का पंचांग, मंगलवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 अक्टूबर 1944, मंगलवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि अमावस्या 12:04 PM तक, इसके बाद प्रतिपदा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र चित्रा 18 अक्टूबर, 12:02 AM तक, इसके बाद स्वाती अगले सूर्योदय तक जारी। योग वैधृति 09:41 AM तक, इसके बाद विष्कुम्भ अगले सूर्योदय तक जारी। करण नाग 12:03 PM तक, इसके बाद किंस्तुघ्न 18 अक्टूबर, 1:03 AM तक, इसके बाद बव अगले सूर्योदय तक जारी।

17 अक्टूबर 1944, मंगलवार को राहु काल 04:09 PM–05:35 PM तक है। चन्द्रमा कन्या राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:31 AM और सूर्यास्त 07:02 PM है।

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मंगलवार

पंचांग 17/10/1944 • October 17, 1944

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय07:31 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चन्द्रोदय07:24 PM
चन्द्रास्त07:23 AM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

17 अक्टूबर 1944 के व्रत और त्योहार

अमावस्या

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि कन्या, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:53 PM–01:39 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:50 AM–06:40 AM

निशीथ काल12:51 AM–01:41 AM

अशुभ काल

राहु काल04:09 PM–05:35 PM

यमगण्ड10:23 AM–11:50 AM

गुलिक काल01:16 PM–02:42 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:30 AM–09:48 AMसंगव 09:48 AM–12:07 PMमध्याह्न 12:07 PM–02:25 PMअपराह्न 02:25 PM–04:43 PMसायाह्न 04:43 PM–07:02 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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17 अक्टूबर 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

17 अक्टूबर 1944 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या 12:04 PM तक है, इसके बाद प्रतिपदा तिथि रहेगी।

17 अक्टूबर 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 04:09 PM से 05:35 PM तक है।

17 अक्टूबर 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन अमावस्या सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
मंगल 07:30 AM–08:30 AMसूर्य 08:30 AM–09:30 AMशुक्र 09:30 AM–10:30 AMबुध 10:30 AM–11:30 AMचंद्र 11:30 AM–12:30 PMशनि 12:30 PM–01:30 PMगुरु 01:30 PM–02:30 PMमंगल 02:30 PM–03:30 PMसूर्य 03:30 PM–04:30 PMशुक्र 04:30 PM–05:30 PMबुध 05:30 PM–06:30 PMचंद्र 06:30 PM–07:30 PMशनि 07:30 PM–08:30 PMगुरु 08:30 PM–09:30 PMमंगल 09:30 PM–10:30 PMसूर्य 10:30 PM–11:30 PMशुक्र 11:30 PM–12:30 AMबुध 12:30 AM–01:30 AMचंद्र 01:30 AM–02:30 AMशनि 02:30 AM–03:30 AMगुरु 03:30 AM–04:30 AMमंगल 04:30 AM–05:31 AMसूर्य 05:31 AM–06:31 AMशुक्र 06:31 AM–07:31 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:16 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.081787°