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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

5 मार्च 1944 का पंचांग, रविवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 5 मार्च 1944, रविवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 2000 (दुर्मुखी संवत्सर) और शक संवत 1865 (स्वभानु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 08:31 PM तक, इसके बाद द्वादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पुनर्वसु 07:33 PM तक, इसके बाद पुष्य अगले सूर्योदय तक जारी। योग सौभाग्य 04:15 PM तक, इसके बाद शोभन अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 08:30 PM तक, इसके बाद बव अगले सूर्योदय तक जारी।

5 मार्च 1944, रविवार को राहु काल 06:07 PM–07:35 PM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:51 AM और सूर्यास्त 07:35 PM है।

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रविवार

पंचांग 05/03/1944 • March 5, 1944

फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:51 AM
सूर्यास्त07:35 PM
चन्द्रोदय04:43 AM
चन्द्रास्त—
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतु—
धर्म और परंपरा

5 मार्च 1944 के व्रत और त्योहार

एकादशी व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2000, शक संवत 1865, अमांत मास फाल्गुन, पूर्णिमांत मास फाल्गुन और सौर मास कुंभ।

सूर्य राशि कुंभ, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:19 PM–02:06 PM

ब्रह्म मुहूर्त06:12 AM–07:01 AM

निशीथ काल01:18 AM–02:07 AM

अशुभ काल

राहु काल06:07 PM–07:35 PM

यमगण्ड01:43 PM–03:11 PM

गुलिक काल04:39 PM–06:07 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:51 AM–10:11 AMसंगव 10:11 AM–12:32 PMमध्याह्न 12:32 PM–02:53 PMअपराह्न 02:53 PM–05:14 PMसायाह्न 05:14 PM–07:35 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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5 मार्च 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

5 मार्च 1944 को कौन-सी तिथि है?

फाल्गुन शुक्ल पक्ष एकादशी 08:31 PM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

5 मार्च 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 06:07 PM से 07:35 PM तक है।

5 मार्च 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन एकादशी व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
सूर्य 07:51 AM–08:51 AMशुक्र 08:51 AM–09:50 AMबुध 09:50 AM–10:50 AMचंद्र 10:50 AM–11:50 AMशनि 11:50 AM–12:50 PMगुरु 12:50 PM–01:50 PMमंगल 01:50 PM–02:50 PMसूर्य 02:50 PM–03:50 PMशुक्र 03:50 PM–04:50 PMबुध 04:50 PM–05:50 PMचंद्र 05:50 PM–06:50 PMशनि 06:50 PM–07:50 PMगुरु 07:50 PM–08:50 PMमंगल 08:50 PM–09:50 PMसूर्य 09:50 PM–10:50 PMशुक्र 10:50 PM–11:50 PMबुध 11:50 PM–12:50 AMचंद्र 12:50 AM–01:50 AMशनि 01:50 AM–02:50 AMगुरु 02:50 AM–03:50 AMमंगल 03:50 AM–04:50 AMसूर्य 04:50 AM–05:50 AMशुक्र 05:50 AM–06:50 AMबुध 06:50 AM–07:50 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:42 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.073149°