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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

4 मार्च 1944 का पंचांग, शनिवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 मार्च 1944, शनिवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। विक्रम संवत 2000 (दुर्मुखी संवत्सर) और शक संवत 1865 (स्वभानु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि दशमी 06:16 PM तक, इसके बाद एकादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आर्द्रा 04:51 PM तक, इसके बाद पुनर्वसु अगले सूर्योदय तक जारी। योग आयुष्मान 03:38 PM तक, इसके बाद सौभाग्य अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 06:15 PM तक, इसके बाद वणिज 5 मार्च, 7:20 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) अगले सूर्योदय तक जारी।

4 मार्च 1944, शनिवार को राहु काल 10:47 AM–12:15 PM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:52 AM और सूर्यास्त 07:35 PM है।

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शनिवार

पंचांग 04/03/1944 • March 4, 1944

फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:52 AM
सूर्यास्त07:35 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त03:54 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतु—
धर्म और परंपरा

4 मार्च 1944 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2000, शक संवत 1865, अमांत मास फाल्गुन, पूर्णिमांत मास फाल्गुन और सौर मास कुंभ।

सूर्य राशि कुंभ, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:19 PM–02:06 PM

ब्रह्म मुहूर्त06:13 AM–07:02 AM

निशीथ काल01:18 AM–02:07 AM

अशुभ काल

राहु काल10:47 AM–12:15 PM

यमगण्ड03:11 PM–04:39 PM

गुलिक काल06:07 PM–07:35 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:51 AM–10:12 AMसंगव 10:12 AM–12:33 PMमध्याह्न 12:33 PM–02:53 PMअपराह्न 02:53 PM–05:14 PMसायाह्न 05:14 PM–07:34 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 मार्च 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 मार्च 1944 को कौन-सी तिथि है?

फाल्गुन शुक्ल पक्ष दशमी 06:16 PM तक है, इसके बाद एकादशी तिथि रहेगी।

4 मार्च 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:47 AM से 12:15 PM तक है।

4 मार्च 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शनि 07:51 AM–08:51 AMगुरु 08:51 AM–09:51 AMमंगल 09:51 AM–10:51 AMसूर्य 10:51 AM–11:51 AMशुक्र 11:51 AM–12:51 PMबुध 12:51 PM–01:51 PMचंद्र 01:51 PM–02:51 PMशनि 02:51 PM–03:51 PMगुरु 03:51 PM–04:51 PMमंगल 04:51 PM–05:51 PMसूर्य 05:51 PM–06:51 PMशुक्र 06:51 PM–07:51 PMबुध 07:51 PM–08:51 PMचंद्र 08:51 PM–09:51 PMशनि 09:51 PM–10:51 PMगुरु 10:51 PM–11:51 PMमंगल 11:51 PM–12:51 AMसूर्य 12:51 AM–01:51 AMशुक्र 01:51 AM–02:51 AMबुध 02:51 AM–03:51 AMचंद्र 03:51 AM–04:51 AMशनि 04:51 AM–05:51 AMगुरु 05:51 AM–06:51 AMमंगल 06:51 AM–07:51 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:43 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.073111°