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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

17 दिसंबर 1903 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 दिसंबर 1903, गुरुवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1825 (शोभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्दशी 18 दिसंबर, 1:43 AM तक, इसके बाद अमावस्या अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र अनुराधा 06:57 PM तक, इसके बाद ज्येष्ठा अगले सूर्योदय तक जारी। योग धृति 03:34 PM तक, इसके बाद शूल अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 01:19 PM तक, इसके बाद शकुनि 18 दिसंबर, 1:42 AM तक, इसके बाद चतुष्पद अगले सूर्योदय तक जारी।

17 दिसंबर 1903, गुरुवार को राहु काल 01:37 PM–02:56 PM तक है। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:01 AM और सूर्यास्त 05:35 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 17/12/1903 • December 17, 1903

पौष · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त05:35 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त05:20 AM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुहेमन्त
धर्म और परंपरा

17 दिसंबर 1903 के व्रत और त्योहार

मासिक शिवरात्रि

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास मार्गशीर्ष, पूर्णिमांत मास पौष और सौर मास धनु।

सूर्य राशि धनु, चंद्र राशि वृश्चिक, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:56 AM–12:39 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:13 AM–06:07 AM

निशीथ काल11:51 PM–12:45 AM

अशुभ काल

राहु काल01:37 PM–02:56 PM

यमगण्ड04:15 PM–05:35 PM

गुलिक काल09:39 AM–10:58 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: हाँ · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:01 AM–09:08 AMसंगव 09:08 AM–11:14 AMमध्याह्न 11:14 AM–01:21 PMअपराह्न 01:21 PM–03:27 PMसायाह्न 03:27 PM–05:34 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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17 दिसंबर 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल

17 दिसंबर 1903 को कौन-सी तिथि है?

पौष कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 01:43 AM तक है, इसके बाद अमावस्या तिथि रहेगी।

17 दिसंबर 1903 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:37 PM से 02:56 PM तक है।

17 दिसंबर 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन मासिक शिवरात्रि सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 07:01 AM–08:01 AMमंगल 08:01 AM–09:01 AMसूर्य 09:01 AM–10:01 AMशुक्र 10:01 AM–11:01 AMबुध 11:01 AM–12:01 PMचंद्र 12:01 PM–01:01 PMशनि 01:01 PM–02:01 PMगुरु 02:01 PM–03:01 PMमंगल 03:01 PM–04:01 PMसूर्य 04:01 PM–05:01 PMशुक्र 05:01 PM–06:01 PMबुध 06:01 PM–07:01 PMचंद्र 07:01 PM–08:01 PMशनि 08:01 PM–09:01 PMगुरु 09:01 PM–10:01 PMमंगल 10:01 PM–11:01 PMसूर्य 11:01 PM–12:01 AMशुक्र 12:01 AM–01:01 AMबुध 01:01 AM–02:01 AMचंद्र 02:01 AM–03:01 AMशनि 03:01 AM–04:01 AMगुरु 04:01 AM–05:02 AMमंगल 05:02 AM–06:02 AMसूर्य 06:02 AM–07:02 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:18 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.511713°