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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

16 दिसंबर 1903 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 16 दिसंबर 1903, बुधवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1825 (शोभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि त्रयोदशी 17 दिसंबर, 1:04 AM तक, इसके बाद चतुर्दशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र विशाखा 05:52 PM तक, इसके बाद अनुराधा अगले सूर्योदय तक जारी। योग सुकर्मा 04:21 PM तक, इसके बाद धृति अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 12:52 PM तक, इसके बाद वणिज 17 दिसंबर, 1:03 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) अगले सूर्योदय तक जारी।

16 दिसंबर 1903, बुधवार को राहु काल 12:17 PM–01:36 PM तक है। चन्द्रमा तुला राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:01 AM और सूर्यास्त 05:34 PM है।

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बुधवार

पंचांग 16/12/1903 • December 16, 1903

पौष · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त05:34 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त04:25 AM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुहेमन्त
धर्म और परंपरा

16 दिसंबर 1903 के व्रत और त्योहार

प्रदोष व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास मार्गशीर्ष, पूर्णिमांत मास पौष और सौर मास धनु।

सूर्य राशि धनु, चंद्र राशि तुला, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:56 AM–12:38 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:13 AM–06:07 AM

निशीथ काल11:50 PM–12:44 AM

अशुभ काल

राहु काल12:17 PM–01:36 PM

यमगण्ड08:20 AM–09:39 AM

गुलिक काल10:58 AM–12:17 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:00 AM–09:07 AMसंगव 09:07 AM–11:14 AMमध्याह्न 11:14 AM–01:20 PMअपराह्न 01:20 PM–03:27 PMसायाह्न 03:27 PM–05:34 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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16 दिसंबर 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल

16 दिसंबर 1903 को कौन-सी तिथि है?

पौष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 01:04 AM तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि रहेगी।

16 दिसंबर 1903 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 12:17 PM से 01:36 PM तक है।

16 दिसंबर 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन प्रदोष व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 07:00 AM–08:00 AMचंद्र 08:00 AM–09:00 AMशनि 09:00 AM–10:00 AMगुरु 10:00 AM–11:00 AMमंगल 11:00 AM–12:00 PMसूर्य 12:00 PM–01:01 PMशुक्र 01:01 PM–02:01 PMबुध 02:01 PM–03:01 PMचंद्र 03:01 PM–04:01 PMशनि 04:01 PM–05:01 PMगुरु 05:01 PM–06:01 PMमंगल 06:01 PM–07:01 PMसूर्य 07:01 PM–08:01 PMशुक्र 08:01 PM–09:01 PMबुध 09:01 PM–10:01 PMचंद्र 10:01 PM–11:01 PMशनि 11:01 PM–12:01 AMगुरु 12:01 AM–01:01 AMमंगल 01:01 AM–02:01 AMसूर्य 02:01 AM–03:01 AMशुक्र 03:01 AM–04:01 AMबुध 04:01 AM–05:01 AMचंद्र 05:01 AM–06:01 AMशनि 06:01 AM–07:01 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:17 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.511675°