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पर्व विशेष · परंपरा और पूजा मार्गदर्शिका

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, सहयोग और पारिवारिक संबंधों का पर्व है। राखी बाँधने के साथ परिवार शुभकामनाएँ और मिठाई साझा करते हैं।

पारंपरिक तिथि / आधार
श्रावण पूर्णिमा
उपासना और उत्सव
रक्षा-सूत्र और भाई-बहन का स्नेह

रक्षाबंधन की तिथि और पूजा-समय

राखी बाँधने के समय पूर्णिमा तिथि और भद्रा की स्थिति देखी जाती है; पूरे दिन को एक समान शुभ अवधि न मानें।

पर्व की तिथि, पूजा की अवधि और व्रत के पारण का समय अलग हो सकते हैं। तारीख देखते समय वर्ष, शहर और अपनी पारिवारिक परंपरा साथ में देखें।

स्थानीय पंचांग देखें

नीचे के लिंक संबंधित महीनों का पंचांग खोलते हैं। ये पूजा-मुहूर्त की घोषणा नहीं हैं; इस लेख में वर्ष और शहर के लिए अलग से सत्यापित मुहूर्त प्रकाशित नहीं किया गया है।

रक्षाबंधन का महत्व

रक्षाबंधन में रक्षा-सूत्र बाँधना, मंगलकामना और भाई-बहन का मिलन प्रमुख हैं। श्रावण पूर्णिमा से जुड़े अन्य धार्मिक कर्म भी इस दिन हो सकते हैं, लेकिन राखी बाँधने का समय उनके कार्यक्रम से अलग देखा जाता है।

यह पर्व उपहार की कीमत से अधिक अपनापन और जिम्मेदारी का अवसर है। दूर रहने वाले भाई-बहन शुभकामनाएँ या रक्षा-सूत्र भेजकर भी अपनी पारिवारिक परंपरा निभाते हैं।

पूजा की सामग्री और तैयारी

  • राखी या रक्षा-सूत्र
  • रोली, अक्षत और दीप
  • मिठाई या घर का प्रसाद
  • आरती की थाली

पूजा और उत्सव का क्रम

पूजा की थाली में राखी, रोली, अक्षत और मिठाई रखी जाती है। परिवार की परंपरा के अनुसार तिलक और आरती के बाद राखी बाँधी जाती है।

  1. स्थानीय पूर्णिमा और राखी बाँधने का उपयुक्त समय देखें। यदि भद्रा का उल्लेख हो तो उसका समाप्ति-समय अलग पढ़ें।
  2. थाली में राखी, तिलक और मिठाई रखें। परिवार के सदस्यों के बैठने की व्यवस्था करें।
  3. अपनी रीति से तिलक, आरती और रक्षा-सूत्र बाँधने का क्रम निभाएँ।
  4. मंगलकामना करें, मिठाई साझा करें और बड़ों का आशीर्वाद लें।

क्षेत्रीय और पारिवारिक परंपराएँ

कहीं श्रावणी, उपाकर्म या नारियल पूर्णिमा के आयोजन भी इसी समय होते हैं। इन परंपराओं की विधि राखी-बाँधने की विधि से अलग है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्णिमा पूरे दिन हो तो क्या किसी भी समय राखी बाँध सकते हैं?

कई परंपराओं में भद्रा तथा अपराह्न का विचार किया जाता है। परिवार द्वारा मान्य स्थानीय पंचांग के समय देखें।

क्या रक्षा-सूत्र केवल राखी का ही दूसरा नाम है?

राखी रक्षा-सूत्र का पारिवारिक रूप है; धार्मिक अनुष्ठानों में रक्षा-सूत्र का उपयोग अन्य अवसरों पर भी होता है।

परंपरा-संदर्भ: Drik Panchang पर रक्षाबंधन। ऊपर दिया पूजा-परिचय सामान्य मार्गदर्शन है; विशिष्ट अनुष्ठान अपनी परंपरा के अनुसार करें।