KundliLive पर्व संग्रह
चैत्र के व्रत और त्योहार
चैत्र में वसंतकालीन नवरात्रि, राम नवमी और कई क्षेत्रीय नववर्ष आते हैं। सौर नववर्षों को चंद्र प्रतिपदा से अलग समझें।
पर्व और उनका परिचय
राम नवमी
चैत्र शुक्ल नवमी
राम नवमी भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। रामायण-पाठ, भजन और मंदिरों के विशेष आयोजन इस पर्व का हिस्सा हैं।
विवरण और पूजा-परिचय →चैत्र नवरात्रि
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी
चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में देवी-उपासना का उत्सव है। कई भारतीय संवत्सर परंपराओं में इसी समय नववर्ष का स्वागत भी होता है।
विवरण और पूजा-परिचय →हनुमान जयंती
चैत्र पूर्णिमा की उत्तर भारतीय परंपरा
हनुमान जयंती हनुमानजी के जन्मोत्सव से जुड़ी है। विभिन्न क्षेत्रों में यह अलग महीनों और तिथियों पर भी मनाई जाती है।
विवरण और पूजा-परिचय →शीतला अष्टमी / बसोड़ा
चैत्र कृष्ण अष्टमी — पूर्णिमांत परंपरा
शीतला अष्टमी, जिसे बसोड़ा भी कहते हैं, होली के बाद शीतला माता की पूजा का पर्व है। पूर्व-दिन की भोजन-तैयारी, पूजा का क्रम और क्षेत्रीय परंपराएँ समझें।
विवरण और पूजा-परिचय →इस संग्रह को समझें
चैत्र में पूजा की योजना
शीतला अष्टमी की भोजन-तैयारी, चैत्र नवरात्रि की स्थापना और राम नवमी का जन्मोत्सव अलग क्रम रखते हैं। संबंधित लेख खोलकर पहले तैयारी के दिन और मुख्य पूजा का दिन अलग करें।
नववर्षों को अलग पढ़ें
चंद्र प्रतिपदा के नववर्ष और तमिल सौर नववर्ष का आधार एक नहीं है। केवल अंग्रेजी महीने में साथ पड़ने से उनकी तिथियाँ समान नहीं हो जातीं।