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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

6 अक्टूबर 2045 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 6 अक्टूबर 2045, शुक्रवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। विक्रम संवत 2102 (बहुधान्य संवत्सर) और शक संवत 1967 (क्रोधन संवत्सर) चल रहा है।

तिथि दशमी 06:49 AM तक, इसके बाद एकादशी 7 अक्टूबर, 4:07 AM तक, इसके बाद द्वादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आश्लेषा 7 अक्टूबर, 1:31 AM तक, इसके बाद मघा अगले सूर्योदय तक जारी। योग सिद्ध 10:50 AM तक, इसके बाद साध्य अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 06:48 AM तक, इसके बाद बव 05:29 PM तक, इसके बाद बालव 7 अक्टूबर, 4:06 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

6 अक्टूबर 2045, शुक्रवार को राहु काल 10:51 AM–12:19 PM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:26 AM और सूर्यास्त 06:13 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 06/10/2045 • October 6, 2045

आश्विन · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:26 AM
सूर्यास्त06:13 PM
चन्द्रोदय03:22 PM
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

6 अक्टूबर 2045 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967, अमांत मास भाद्रपद, पूर्णिमांत मास आश्विन और सौर मास कन्या।

सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:55 AM–12:42 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM–05:36 AM

निशीथ काल11:54 PM–12:43 AM

अशुभ काल

राहु काल10:51 AM–12:19 PM

यमगण्ड03:16 PM–04:44 PM

गुलिक काल07:54 AM–09:22 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:25 AM–08:47 AMसंगव 08:47 AM–11:08 AMमध्याह्न 11:08 AM–01:29 PMअपराह्न 01:29 PM–03:51 PMसायाह्न 03:51 PM–06:12 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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6 अक्टूबर 2045 के पंचांग से जुड़े सवाल

6 अक्टूबर 2045 को कौन-सी तिथि है?

आश्विन कृष्ण पक्ष दशमी 06:49 AM तक है, इसके बाद एकादशी तिथि रहेगी।

6 अक्टूबर 2045 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:51 AM से 12:19 PM तक है।

6 अक्टूबर 2045 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 06:25 AM–07:25 AMबुध 07:25 AM–08:25 AMचंद्र 08:25 AM–09:25 AMशनि 09:25 AM–10:25 AMगुरु 10:25 AM–11:25 AMमंगल 11:25 AM–12:25 PMसूर्य 12:25 PM–01:25 PMशुक्र 01:25 PM–02:25 PMबुध 02:25 PM–03:25 PMचंद्र 03:25 PM–04:25 PMशनि 04:25 PM–05:25 PMगुरु 05:25 PM–06:25 PMमंगल 06:25 PM–07:25 PMसूर्य 07:25 PM–08:25 PMशुक्र 08:25 PM–09:25 PMबुध 09:25 PM–10:25 PMचंद्र 10:25 PM–11:25 PMशनि 11:25 PM–12:25 AMगुरु 12:25 AM–01:25 AMमंगल 01:25 AM–02:25 AMसूर्य 02:25 AM–03:26 AMशुक्र 03:26 AM–04:26 AMबुध 04:26 AM–05:26 AMचंद्र 05:26 AM–06:26 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:19 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 24.491321°