— ऑनलाइन
KundliLiveYour Kundli. Your Answers.
▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

6 अक्टूबर 2044 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 6 अक्टूबर 2044, गुरुवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। विक्रम संवत 2101 (ईश्वर संवत्सर) और शक संवत 1966 (रक्ताक्षी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्दशी 06:38 AM तक, इसके बाद पूर्णिमा 7 अक्टूबर, 6:00 AM तक, इसके बाद प्रतिपदा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद 7 अक्टूबर, 12:11 AM तक, इसके बाद रेवती अगले सूर्योदय तक जारी। योग वृद्धि 07:55 AM तक, इसके बाद ध्रुव 7 अक्टूबर, 6:17 AM तक, इसके बाद व्याघात अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 06:37 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 06:22 PM तक, इसके बाद बव 7 अक्टूबर, 5:59 AM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

6 अक्टूबर 2044, गुरुवार को राहु काल 01:47 PM–03:15 PM तक है। चन्द्रमा मीन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:26 AM और सूर्यास्त 06:12 PM है।

तारीख या स्थान बदलें +
गुरुवार

पंचांग 06/10/2044 • October 6, 2044

आश्विन · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:26 AM
सूर्यास्त06:12 PM
चन्द्रोदय05:33 AM
चन्द्रास्त05:42 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

6 अक्टूबर 2044 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास आश्विन और सौर मास कन्या।

सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि मीन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:55 AM–12:42 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM–05:36 AM

निशीथ काल11:54 PM–12:43 AM

अशुभ काल

राहु काल01:47 PM–03:15 PM

यमगण्ड04:43 PM–06:12 PM

गुलिक काल09:22 AM–10:50 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:25 AM–08:47 AMसंगव 08:47 AM–11:08 AMमध्याह्न 11:08 AM–01:29 PMअपराह्न 01:29 PM–03:51 PMसायाह्न 03:51 PM–06:12 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

तारीख चुनकर हिन्दू पंचांग देखें

किसी भी तारीख और स्थान का हिन्दू पंचांग देखने के लिए नीचे तारीख चुनें और शहर का नाम भरें।

6 अक्टूबर 2044 के पंचांग से जुड़े सवाल

6 अक्टूबर 2044 को कौन-सी तिथि है?

आश्विन शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 06:38 AM तक है, इसके बाद पूर्णिमा तिथि रहेगी।

6 अक्टूबर 2044 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:47 PM से 03:15 PM तक है।

6 अक्टूबर 2044 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 06:25 AM–07:25 AMमंगल 07:25 AM–08:25 AMसूर्य 08:25 AM–09:25 AMशुक्र 09:25 AM–10:25 AMबुध 10:25 AM–11:25 AMचंद्र 11:25 AM–12:25 PMशनि 12:25 PM–01:25 PMगुरु 01:25 PM–02:25 PMमंगल 02:25 PM–03:25 PMसूर्य 03:25 PM–04:25 PMशुक्र 04:25 PM–05:25 PMबुध 05:25 PM–06:25 PMचंद्र 06:25 PM–07:25 PMशनि 07:25 PM–08:25 PMगुरु 08:25 PM–09:25 PMमंगल 09:25 PM–10:26 PMसूर्य 10:26 PM–11:26 PMशुक्र 11:26 PM–12:26 AMबुध 12:26 AM–01:26 AMचंद्र 01:26 AM–02:26 AMशनि 02:26 AM–03:26 AMगुरु 03:26 AM–04:26 AMमंगल 04:26 AM–05:26 AMसूर्य 05:26 AM–06:26 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:19 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 24.47737°