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दैनिक वैदिक पंचांग

3 अप्रैल 2037 पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 3 अप्रैल 2037, शुक्रवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। विक्रम संवत 2094 (प्रमोद संवत्सर) और शक संवत 1959 (पिंगल संवत्सर) चल रहा है।

तिथि तृतीया 06:25 AM तक, इसके बाद चतुर्थी 4 अप्रैल, 4:37 AM तक, इसके बाद पंचमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र विशाखा 08:14 PM तक, इसके बाद अनुराधा अगले सूर्योदय तक जारी। योग वज्र 03:11 PM तक, इसके बाद सिद्धि अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 06:24 AM तक, इसके बाद बव 05:24 PM तक, इसके बाद बालव 4 अप्रैल, 4:36 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

3 अप्रैल 2037, शुक्रवार को राहु काल 11:00 AM–12:34 PM तक है। चन्द्रमा तुला राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:20 AM और सूर्यास्त 06:49 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 03/04/2037 • April 3, 2037

वैशाख · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:20 AM
सूर्यास्त06:49 PM
चन्द्रोदय10:02 PM
चन्द्रास्त
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुशिशिर
धर्म और परंपरा

3 अप्रैल 2037 के व्रत और त्योहार

संकष्टी चतुर्थी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2094, शक संवत 1959, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास वैशाख और सौर मास मीन

सूर्य राशि मीन, चंद्र राशि तुला, अधिक मास नहीं

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:09 PM–12:59 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM–05:34 AM

निशीथ काल12:11 AM–12:57 AM

अशुभ काल

राहु काल11:00 AM–12:34 PM

यमगण्ड03:41 PM–05:15 PM

गुलिक काल07:53 AM–09:27 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:20 AM–08:50 AMसंगव 08:50 AM–11:19 AMमध्याह्न 11:19 AM–01:49 PMअपराह्न 01:49 PM–04:19 PMसायाह्न 04:19 PM–06:48 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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3 अप्रैल 2037 के पंचांग से जुड़े सवाल

3 अप्रैल 2037 को कौन-सी तिथि है?

वैशाख कृष्ण पक्ष तृतीया 06:25 AM तक है, इसके बाद चतुर्थी तिथि रहेगी।

3 अप्रैल 2037 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 11:00 AM से 12:34 PM तक है।

3 अप्रैल 2037 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन संकष्टी चतुर्थी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 06:20 AM–07:20 AMबुध 07:20 AM–08:20 AMचंद्र 08:20 AM–09:20 AMशनि 09:20 AM–10:20 AMगुरु 10:20 AM–11:20 AMमंगल 11:20 AM–12:20 PMसूर्य 12:20 PM–01:20 PMशुक्र 01:20 PM–02:20 PMबुध 02:20 PM–03:20 PMचंद्र 03:20 PM–04:20 PMशनि 04:20 PM–05:20 PMगुरु 05:20 PM–06:20 PMमंगल 06:20 PM–07:20 PMसूर्य 07:20 PM–08:19 PMशुक्र 08:19 PM–09:19 PMबुध 09:19 PM–10:19 PMचंद्र 10:19 PM–11:19 PMशनि 11:19 PM–12:19 AMगुरु 12:19 AM–01:19 AMमंगल 01:19 AM–02:19 AMसूर्य 02:19 AM–03:19 AMशुक्र 03:19 AM–04:19 AMबुध 04:19 AM–05:19 AMचंद्र 05:19 AM–06:19 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:34 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 24.372528°