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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

25 सितंबर 1944 का पंचांग, सोमवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 25 सितंबर 1944, सोमवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि अष्टमी 26 सितंबर, 6:21 AM तक, इसके बाद नवमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र मूल 26 सितंबर, 2:06 AM तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा अगले सूर्योदय तक जारी। योग सौभाग्य 26 सितंबर, 2:55 AM तक, इसके बाद शोभन अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 06:35 PM तक, इसके बाद बव 26 सितंबर, 6:20 AM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

25 सितंबर 1944, सोमवार को राहु काल 08:51 AM–10:22 AM तक है। चन्द्रमा धनु राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:21 AM और सूर्यास्त 07:25 PM है।

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सोमवार

पंचांग 25/09/1944 • September 25, 1944

आश्विन · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:21 AM
सूर्यास्त07:25 PM
चन्द्रोदय01:57 PM
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

25 सितंबर 1944 के व्रत और त्योहार

मासिक दुर्गाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास आश्विन और सौर मास कन्या।

सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि धनु, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:58 PM–01:46 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:45 AM–06:33 AM

निशीथ काल12:59 AM–01:46 AM

अशुभ काल

राहु काल08:51 AM–10:22 AM

यमगण्ड11:52 AM–01:23 PM

गुलिक काल02:53 PM–04:24 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:20 AM–09:45 AMसंगव 09:45 AM–12:10 PMमध्याह्न 12:10 PM–02:35 PMअपराह्न 02:35 PM–04:59 PMसायाह्न 04:59 PM–07:24 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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25 सितंबर 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

25 सितंबर 1944 को कौन-सी तिथि है?

आश्विन शुक्ल पक्ष अष्टमी 06:21 AM तक है, इसके बाद नवमी तिथि रहेगी।

25 सितंबर 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 08:51 AM से 10:22 AM तक है।

25 सितंबर 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
चंद्र 07:20 AM–08:20 AMशनि 08:20 AM–09:20 AMगुरु 09:20 AM–10:20 AMमंगल 10:20 AM–11:20 AMसूर्य 11:20 AM–12:20 PMशुक्र 12:20 PM–01:20 PMबुध 01:20 PM–02:20 PMचंद्र 02:20 PM–03:20 PMशनि 03:20 PM–04:20 PMगुरु 04:20 PM–05:20 PMमंगल 05:20 PM–06:20 PMसूर्य 06:20 PM–07:20 PMशुक्र 07:20 PM–08:20 PMबुध 08:20 PM–09:20 PMचंद्र 09:20 PM–10:20 PMशनि 10:20 PM–11:20 PMगुरु 11:20 PM–12:21 AMमंगल 12:21 AM–01:21 AMसूर्य 01:21 AM–02:21 AMशुक्र 02:21 AM–03:21 AMबुध 03:21 AM–04:21 AMचंद्र 04:21 AM–05:21 AMशनि 05:21 AM–06:21 AMगुरु 06:21 AM–07:21 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:22 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.080946°