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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

13 सितंबर 1944 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 13 सितंबर 1944, बुधवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 09:41 AM तक, इसके बाद द्वादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पुष्य 14 सितंबर, 12:43 AM तक, इसके बाद आश्लेषा अगले सूर्योदय तक जारी। योग परिघ 10:45 PM तक, इसके बाद शिव अगले सूर्योदय तक जारी। करण बालव 09:40 AM तक, इसके बाद कौलव 10:40 PM तक, इसके बाद तैतिल अगले सूर्योदय तक जारी।

13 सितंबर 1944, बुधवार को राहु काल 01:27 PM–02:59 PM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:16 AM और सूर्यास्त 07:38 PM है।

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बुधवार

पंचांग 13/09/1944 • September 13, 1944

आश्विन · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय07:16 AM
सूर्यास्त07:38 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त05:15 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

13 सितंबर 1944 के व्रत और त्योहार

एकादशी व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास भाद्रपद, पूर्णिमांत मास आश्विन और सौर मास सिंह।

सूर्य राशि सिंह, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:02 PM–01:51 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:43 AM–06:29 AM

निशीथ काल01:03 AM–01:50 AM

अशुभ काल

राहु काल01:27 PM–02:59 PM

यमगण्ड08:48 AM–10:21 AM

गुलिक काल11:54 AM–01:27 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:16 AM–09:44 AMसंगव 09:44 AM–12:12 PMमध्याह्न 12:12 PM–02:41 PMअपराह्न 02:41 PM–05:09 PMसायाह्न 05:09 PM–07:37 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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13 सितंबर 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

13 सितंबर 1944 को कौन-सी तिथि है?

आश्विन कृष्ण पक्ष एकादशी 09:41 AM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

13 सितंबर 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:27 PM से 02:59 PM तक है।

13 सितंबर 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन एकादशी व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 07:16 AM–08:16 AMचंद्र 08:16 AM–09:16 AMशनि 09:16 AM–10:16 AMगुरु 10:16 AM–11:16 AMमंगल 11:16 AM–12:16 PMसूर्य 12:16 PM–01:16 PMशुक्र 01:16 PM–02:16 PMबुध 02:16 PM–03:16 PMचंद्र 03:16 PM–04:16 PMशनि 04:16 PM–05:16 PMगुरु 05:16 PM–06:16 PMमंगल 06:16 PM–07:16 PMसूर्य 07:16 PM–08:16 PMशुक्र 08:16 PM–09:16 PMबुध 09:16 PM–10:16 PMचंद्र 10:16 PM–11:16 PMशनि 11:16 PM–12:16 AMगुरु 12:16 AM–01:16 AMमंगल 01:16 AM–02:16 AMसूर्य 02:16 AM–03:16 AMशुक्र 03:16 AM–04:16 AMबुध 04:16 AM–05:16 AMचंद्र 05:16 AM–06:16 AMशनि 06:16 AM–07:16 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:27 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.080487°