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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

30 अक्टूबर 1944 का पंचांग, सोमवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 30 अक्टूबर 1944, सोमवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्दशी 11:31 PM तक, इसके बाद पूर्णिमा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र रेवती 08:12 PM तक, इसके बाद अश्विनी अगले सूर्योदय तक जारी। योग हर्षण 09:21 AM तक, इसके बाद वज्र 31 अक्टूबर, 5:16 AM तक, इसके बाद सिद्धि अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 01:15 PM तक, इसके बाद वणिज 11:30 PM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) अगले सूर्योदय तक जारी।

30 अक्टूबर 1944, सोमवार को राहु काल 09:02 AM–10:26 AM तक है। चन्द्रमा मीन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:38 AM और सूर्यास्त 06:52 PM है।

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सोमवार

पंचांग 30/10/1944 • October 30, 1944

कार्तिक · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:38 AM
सूर्यास्त06:52 PM
चन्द्रोदय05:59 AM
चन्द्रास्त06:18 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

30 अक्टूबर 1944 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास कार्तिक, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि मीन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:52 PM–01:37 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:55 AM–06:46 AM

निशीथ काल12:49 AM–01:40 AM

अशुभ काल

राहु काल09:02 AM–10:26 AM

यमगण्ड11:50 AM–01:15 PM

गुलिक काल02:39 PM–04:03 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:37 AM–09:52 AMसंगव 09:52 AM–12:07 PMमध्याह्न 12:07 PM–02:22 PMअपराह्न 02:22 PM–04:36 PMसायाह्न 04:36 PM–06:51 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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30 अक्टूबर 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

30 अक्टूबर 1944 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 11:31 PM तक है, इसके बाद पूर्णिमा तिथि रहेगी।

30 अक्टूबर 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 09:02 AM से 10:26 AM तक है।

30 अक्टूबर 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
चंद्र 07:37 AM–08:37 AMशनि 08:37 AM–09:37 AMगुरु 09:37 AM–10:37 AMमंगल 10:37 AM–11:37 AMसूर्य 11:37 AM–12:37 PMशुक्र 12:37 PM–01:37 PMबुध 01:37 PM–02:37 PMचंद्र 02:37 PM–03:37 PMशनि 03:37 PM–04:38 PMगुरु 04:38 PM–05:38 PMमंगल 05:38 PM–06:38 PMसूर्य 06:38 PM–07:38 PMशुक्र 07:38 PM–08:38 PMबुध 08:38 PM–09:38 PMचंद्र 09:38 PM–10:38 PMशनि 10:38 PM–11:38 PMगुरु 11:38 PM–12:38 AMमंगल 12:38 AM–01:38 AMसूर्य 01:38 AM–02:38 AMशुक्र 02:38 AM–03:38 AMबुध 03:38 AM–04:38 AMचंद्र 04:38 AM–05:38 AMशनि 05:38 AM–06:38 AMगुरु 06:38 AM–07:38 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:14 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.082284°