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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

11 अक्टूबर 1944 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर 1944, बुधवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि दशमी 11:52 PM तक, इसके बाद एकादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आश्लेषा अगले सूर्योदय तक जारी। योग साध्य 12 अक्टूबर, 5:22 AM तक, इसके बाद शुभ अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 10:45 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 11:51 PM तक, इसके बाद बव अगले सूर्योदय तक जारी।

11 अक्टूबर 1944, बुधवार को राहु काल 01:18 PM–02:45 PM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:28 AM और सूर्यास्त 07:08 PM है।

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बुधवार

पंचांग 11/10/1944 • October 11, 1944

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय07:28 AM
सूर्यास्त07:08 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

11 अक्टूबर 1944 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास कन्या।

सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:54 PM–01:41 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:49 AM–06:38 AM

निशीथ काल12:53 AM–01:42 AM

अशुभ काल

राहु काल01:18 PM–02:45 PM

यमगण्ड08:55 AM–10:23 AM

गुलिक काल11:50 AM–01:18 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:27 AM–09:47 AMसंगव 09:47 AM–12:07 PMमध्याह्न 12:07 PM–02:27 PMअपराह्न 02:27 PM–04:47 PMसायाह्न 04:47 PM–07:08 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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11 अक्टूबर 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

11 अक्टूबर 1944 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष दशमी 11:52 PM तक है, इसके बाद एकादशी तिथि रहेगी।

11 अक्टूबर 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:18 PM से 02:45 PM तक है।

11 अक्टूबर 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 07:27 AM–08:27 AMचंद्र 08:27 AM–09:27 AMशनि 09:27 AM–10:27 AMगुरु 10:27 AM–11:27 AMमंगल 11:27 AM–12:27 PMसूर्य 12:27 PM–01:27 PMशुक्र 01:27 PM–02:27 PMबुध 02:27 PM–03:27 PMचंद्र 03:27 PM–04:27 PMशनि 04:27 PM–05:27 PMगुरु 05:27 PM–06:27 PMमंगल 06:27 PM–07:27 PMसूर्य 07:27 PM–08:27 PMशुक्र 08:27 PM–09:27 PMबुध 09:27 PM–10:27 PMचंद्र 10:27 PM–11:27 PMशनि 11:27 PM–12:27 AMगुरु 12:27 AM–01:27 AMमंगल 01:27 AM–02:27 AMसूर्य 02:27 AM–03:27 AMशुक्र 03:27 AM–04:28 AMबुध 04:28 AM–05:28 AMचंद्र 05:28 AM–06:28 AMशनि 06:28 AM–07:28 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:18 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.081558°