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दैनिक वैदिक पंचांग

18 नवंबर 1944 का पंचांग, शनिवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 18 नवंबर 1944, शनिवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि तृतीया 19 नवंबर, 6:31 AM तक, इसके बाद चतुर्थी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र ज्येष्ठा 01:00 PM तक, इसके बाद मूल अगले सूर्योदय तक जारी। योग सुकर्मा 02:03 PM तक, इसके बाद धृति अगले सूर्योदय तक जारी। करण तैतिल 06:28 PM तक, इसके बाद गर 19 नवंबर, 6:30 AM तक, इसके बाद वणिज अगले सूर्योदय तक जारी।

18 नवंबर 1944, शनिवार को राहु काल 10:33 AM–11:55 AM तक है। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:51 AM और सूर्यास्त 06:42 PM है।

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शनिवार

पंचांग 18/11/1944 • November 18, 1944

मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:51 AM
सूर्यास्त06:42 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

18 नवंबर 1944 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास मार्गशीर्ष, पूर्णिमांत मास मार्गशीर्ष और सौर मास वृश्चिक।

सूर्य राशि वृश्चिक, चंद्र राशि वृश्चिक, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:54 PM–01:37 PM

ब्रह्म मुहूर्त06:05 AM–06:58 AM

निशीथ काल12:50 AM–01:42 AM

अशुभ काल

राहु काल10:33 AM–11:55 AM

यमगण्ड02:37 PM–03:59 PM

गुलिक काल05:20 PM–06:42 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:50 AM–10:00 AMसंगव 10:00 AM–12:11 PMमध्याह्न 12:11 PM–02:21 PMअपराह्न 02:21 PM–04:31 PMसायाह्न 04:31 PM–06:41 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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18 नवंबर 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

18 नवंबर 1944 को कौन-सी तिथि है?

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष तृतीया 06:31 AM तक है, इसके बाद चतुर्थी तिथि रहेगी।

18 नवंबर 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:33 AM से 11:55 AM तक है।

18 नवंबर 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शनि 07:50 AM–08:50 AMगुरु 08:50 AM–09:50 AMमंगल 09:50 AM–10:50 AMसूर्य 10:50 AM–11:50 AMशुक्र 11:50 AM–12:50 PMबुध 12:50 PM–01:50 PMचंद्र 01:50 PM–02:50 PMशनि 02:50 PM–03:50 PMगुरु 03:50 PM–04:50 PMमंगल 04:50 PM–05:50 PMसूर्य 05:50 PM–06:50 PMशुक्र 06:50 PM–07:50 PMबुध 07:50 PM–08:50 PMचंद्र 08:50 PM–09:50 PMशनि 09:50 PM–10:51 PMगुरु 10:51 PM–11:51 PMमंगल 11:51 PM–12:51 AMसूर्य 12:51 AM–01:51 AMशुक्र 01:51 AM–02:51 AMबुध 02:51 AM–03:51 AMचंद्र 03:51 AM–04:51 AMशनि 04:51 AM–05:51 AMगुरु 05:51 AM–06:51 AMमंगल 06:51 AM–07:51 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:16 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.08301°