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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

4 मई 1944 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 मई 1944, गुरुवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 09:10 AM तक, इसके बाद द्वादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 5 मई, 12:16 AM तक, इसके बाद हस्त अगले सूर्योदय तक जारी। योग व्याघात 10:02 AM तक, इसके बाद हर्षण अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 09:09 AM तक, इसके बाद बव 10:11 PM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

4 मई 1944, गुरुवार को राहु काल 03:06 PM–04:45 PM तक है। चन्द्रमा कन्या राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:53 AM और सूर्यास्त 08:03 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 04/05/1944 • May 4, 1944

वैशाख · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:53 AM
सूर्यास्त08:03 PM
चन्द्रोदय04:37 AM
चन्द्रास्त—
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

4 मई 1944 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास वैशाख, पूर्णिमांत मास वैशाख और सौर मास मेष।

सूर्य राशि मेष, चंद्र राशि कन्या, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:01 PM–01:54 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:26 AM–06:09 AM

निशीथ काल01:06 AM–01:49 AM

अशुभ काल

राहु काल03:06 PM–04:45 PM

यमगण्ड06:24 PM–08:03 PM

गुलिक काल10:10 AM–11:49 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:52 AM–09:30 AMसंगव 09:30 AM–12:09 PMमध्याह्न 12:09 PM–02:47 PMअपराह्न 02:47 PM–05:25 PMसायाह्न 05:25 PM–08:03 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 मई 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 मई 1944 को कौन-सी तिथि है?

वैशाख शुक्ल पक्ष एकादशी 09:10 AM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

4 मई 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 03:06 PM से 04:45 PM तक है।

4 मई 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 06:52 AM–07:52 AMमंगल 07:52 AM–08:52 AMसूर्य 08:52 AM–09:52 AMशुक्र 09:52 AM–10:52 AMबुध 10:52 AM–11:52 AMचंद्र 11:52 AM–12:52 PMशनि 12:52 PM–01:52 PMगुरु 01:52 PM–02:52 PMमंगल 02:52 PM–03:52 PMसूर्य 03:52 PM–04:52 PMशुक्र 04:52 PM–05:52 PMबुध 05:52 PM–06:52 PMचंद्र 06:52 PM–07:52 PMशनि 07:52 PM–08:52 PMगुरु 08:52 PM–09:52 PMमंगल 09:52 PM–10:52 PMसूर्य 10:52 PM–11:52 PMशुक्र 11:52 PM–12:52 AMबुध 12:52 AM–01:52 AMचंद्र 01:52 AM–02:52 AMशनि 02:52 AM–03:52 AMगुरु 03:52 AM–04:52 AMमंगल 04:52 AM–05:52 AMसूर्य 05:52 AM–06:52 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:27 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.075442°