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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

17 मई 1944 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 मई 1944, बुधवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि दशमी 11:57 PM तक, इसके बाद एकादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद 11:32 PM तक, इसके बाद उत्तर भाद्रपद अगले सूर्योदय तक जारी। योग वैधृति 12:42 PM तक, इसके बाद विष्कुम्भ अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 01:09 PM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 11:56 PM तक, इसके बाद बव अगले सूर्योदय तक जारी।

17 मई 1944, बुधवार को राहु काल 01:27 PM–03:08 PM तक है। चन्द्रमा कुंभ राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:45 AM और सूर्यास्त 08:10 PM है।

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बुधवार

पंचांग 17/05/1944 • May 17, 1944

ज्येष्ठ · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:45 AM
सूर्यास्त08:10 PM
चन्द्रोदय03:12 PM
चन्द्रास्त—
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

17 मई 1944 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास वैशाख, पूर्णिमांत मास ज्येष्ठ और सौर मास वृषभ।

सूर्य राशि वृषभ, चंद्र राशि कुंभ, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:00 PM–01:54 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:20 AM–06:02 AM

निशीथ काल01:06 AM–01:48 AM

अशुभ काल

राहु काल01:27 PM–03:08 PM

यमगण्ड08:25 AM–10:06 AM

गुलिक काल11:46 AM–01:27 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:45 AM–09:26 AMसंगव 09:26 AM–12:07 PMमध्याह्न 12:07 PM–02:48 PMअपराह्न 02:48 PM–05:29 PMसायाह्न 05:29 PM–08:10 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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17 मई 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

17 मई 1944 को कौन-सी तिथि है?

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष दशमी 11:57 PM तक है, इसके बाद एकादशी तिथि रहेगी।

17 मई 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:27 PM से 03:08 PM तक है।

17 मई 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 06:45 AM–07:45 AMचंद्र 07:45 AM–08:44 AMशनि 08:44 AM–09:44 AMगुरु 09:44 AM–10:44 AMमंगल 10:44 AM–11:44 AMसूर्य 11:44 AM–12:44 PMशुक्र 12:44 PM–01:44 PMबुध 01:44 PM–02:44 PMचंद्र 02:44 PM–03:44 PMशनि 03:44 PM–04:44 PMगुरु 04:44 PM–05:44 PMमंगल 05:44 PM–06:44 PMसूर्य 06:44 PM–07:44 PMशुक्र 07:44 PM–08:44 PMबुध 08:44 PM–09:44 PMचंद्र 09:44 PM–10:44 PMशनि 10:44 PM–11:44 PMगुरु 11:44 PM–12:44 AMमंगल 12:44 AM–01:44 AMसूर्य 01:44 AM–02:44 AMशुक्र 02:44 AM–03:44 AMबुध 03:44 AM–04:44 AMचंद्र 04:44 AM–05:44 AMशनि 05:44 AM–06:44 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:27 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.075939°