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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

31 मार्च 1944 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 31 मार्च 1944, शुक्रवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। विक्रम संवत 2000 (दुर्मुखी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि अष्टमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आर्द्रा 11:45 PM तक, इसके बाद पुनर्वसु अगले सूर्योदय तक जारी। योग शोभन 09:43 PM तक, इसके बाद अतिगण्ड अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 07:02 PM तक, इसके बाद बव अगले सूर्योदय तक जारी।

31 मार्च 1944, शुक्रवार को राहु काल 12:02 PM–01:35 PM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:24 AM और सूर्यास्त 07:47 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 31/03/1944 • March 31, 1944

चैत्र · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:24 AM
सूर्यास्त07:47 PM
चन्द्रोदय12:47 PM
चन्द्रास्त—
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुशिशिर
धर्म और परंपरा

31 मार्च 1944 के व्रत और त्योहार

मासिक दुर्गाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2000, शक संवत 1866, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास चैत्र और सौर मास मीन।

सूर्य राशि मीन, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:10 PM–02:00 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:51 AM–06:37 AM

निशीथ काल01:11 AM–01:58 AM

अशुभ काल

राहु काल12:02 PM–01:35 PM

यमगण्ड04:41 PM–06:14 PM

गुलिक काल08:56 AM–10:29 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:24 AM–09:52 AMसंगव 09:52 AM–12:21 PMमध्याह्न 12:21 PM–02:49 PMअपराह्न 02:49 PM–05:18 PMसायाह्न 05:18 PM–07:47 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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31 मार्च 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

31 मार्च 1944 को कौन-सी तिथि है?

चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी 07:52 AM तक है।

31 मार्च 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 12:02 PM से 01:35 PM तक है।

31 मार्च 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 07:24 AM–08:24 AMबुध 08:24 AM–09:24 AMचंद्र 09:24 AM–10:23 AMशनि 10:23 AM–11:23 AMगुरु 11:23 AM–12:23 PMमंगल 12:23 PM–01:23 PMसूर्य 01:23 PM–02:23 PMशुक्र 02:23 PM–03:23 PMबुध 03:23 PM–04:23 PMचंद्र 04:23 PM–05:23 PMशनि 05:23 PM–06:23 PMगुरु 06:23 PM–07:23 PMमंगल 07:23 PM–08:23 PMसूर्य 08:23 PM–09:23 PMशुक्र 09:23 PM–10:23 PMबुध 10:23 PM–11:23 PMचंद्र 11:23 PM–12:23 AMशनि 12:23 AM–01:23 AMगुरु 01:23 AM–02:23 AMमंगल 02:23 AM–03:23 AMसूर्य 03:23 AM–04:23 AMशुक्र 04:23 AM–05:23 AMबुध 05:23 AM–06:23 AMचंद्र 06:23 AM–07:23 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:35 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.074143°