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दैनिक वैदिक पंचांग

4 जुलाई 1944 का पंचांग, मंगलवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 जुलाई 1944, मंगलवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि त्रयोदशी 02:42 PM तक, इसके बाद चतुर्दशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र ज्येष्ठा 11:13 PM तक, इसके बाद मूल अगले सूर्योदय तक जारी। योग शुक्ल 5 जुलाई, 12:05 AM तक, इसके बाद ब्रह्म अगले सूर्योदय तक जारी। करण तैतिल 02:41 PM तक, इसके बाद गर 5 जुलाई, 1:56 AM तक, इसके बाद वणिज अगले सूर्योदय तक जारी।

4 जुलाई 1944, मंगलवार को राहु काल 05:00 PM–06:43 PM तक है। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:45 AM और सूर्यास्त 08:26 PM है।

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मंगलवार

पंचांग 04/07/1944 • July 4, 1944

आषाढ़ · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:45 AM
सूर्यास्त08:26 PM
चन्द्रोदय04:53 AM
चन्द्रास्त06:41 PM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुग्रीष्म
धर्म और परंपरा

4 जुलाई 1944 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास आषाढ़, पूर्णिमांत मास आषाढ़ और सौर मास मिथुन।

सूर्य राशि मिथुन, चंद्र राशि वृश्चिक, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:08 PM–02:02 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:22 AM–06:03 AM

निशीथ काल01:14 AM–01:56 AM

अशुभ काल

राहु काल05:00 PM–06:43 PM

यमगण्ड10:10 AM–11:52 AM

गुलिक काल01:35 PM–03:18 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:44 AM–09:28 AMसंगव 09:28 AM–12:13 PMमध्याह्न 12:13 PM–02:57 PMअपराह्न 02:57 PM–05:41 PMसायाह्न 05:41 PM–08:26 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 जुलाई 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 जुलाई 1944 को कौन-सी तिथि है?

आषाढ़ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 02:42 PM तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि रहेगी।

4 जुलाई 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 05:00 PM से 06:43 PM तक है।

4 जुलाई 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
मंगल 06:44 AM–07:44 AMसूर्य 07:44 AM–08:44 AMशुक्र 08:44 AM–09:44 AMबुध 09:44 AM–10:44 AMचंद्र 10:44 AM–11:44 AMशनि 11:44 AM–12:44 PMगुरु 12:44 PM–01:44 PMमंगल 01:44 PM–02:44 PMसूर्य 02:44 PM–03:44 PMशुक्र 03:44 PM–04:44 PMबुध 04:44 PM–05:44 PMचंद्र 05:44 PM–06:44 PMशनि 06:44 PM–07:44 PMगुरु 07:44 PM–08:44 PMमंगल 08:44 PM–09:44 PMसूर्य 09:44 PM–10:44 PMशुक्र 10:44 PM–11:44 PMबुध 11:44 PM–12:44 AMचंद्र 12:44 AM–01:44 AMशनि 01:44 AM–02:44 AMगुरु 02:44 AM–03:45 AMमंगल 03:45 AM–04:45 AMसूर्य 04:45 AM–05:45 AMशुक्र 05:45 AM–06:45 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:35 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.077774°