— ऑनलाइन
KundliLiveYour Kundli. Your Answers.
▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

11 दिसंबर 1944 का पंचांग, सोमवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 11 दिसंबर 1944, सोमवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 05:47 PM तक, इसके बाद द्वादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र चित्रा 02:41 PM तक, इसके बाद स्वाती अगले सूर्योदय तक जारी। योग शोभन 09:48 PM तक, इसके बाद अतिगण्ड अगले सूर्योदय तक जारी। करण बालव 05:46 PM तक, इसके बाद कौलव 12 दिसंबर, 6:39 AM तक, इसके बाद तैतिल अगले सूर्योदय तक जारी।

11 दिसंबर 1944, सोमवार को राहु काल 09:26 AM–10:45 AM तक है। चन्द्रमा तुला राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 08:07 AM और सूर्यास्त 06:42 PM है।

तारीख या स्थान बदलें +
सोमवार

पंचांग 11/12/1944 • December 11, 1944

पौष · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय08:07 AM
सूर्यास्त06:42 PM
चन्द्रोदय03:58 PM
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

11 दिसंबर 1944 के व्रत और त्योहार

एकादशी व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास मार्गशीर्ष, पूर्णिमांत मास पौष और सौर मास वृश्चिक।

सूर्य राशि वृश्चिक, चंद्र राशि तुला, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:03 PM–01:45 PM

ब्रह्म मुहूर्त06:19 AM–07:13 AM

निशीथ काल12:57 AM–01:51 AM

अशुभ काल

राहु काल09:26 AM–10:45 AM

यमगण्ड12:05 PM–01:24 PM

गुलिक काल02:43 PM–04:03 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 08:07 AM–10:13 AMसंगव 10:13 AM–12:20 PMमध्याह्न 12:20 PM–02:27 PMअपराह्न 02:27 PM–04:34 PMसायाह्न 04:34 PM–06:41 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

तारीख चुनकर हिन्दू पंचांग देखें

किसी भी तारीख और स्थान का हिन्दू पंचांग देखने के लिए नीचे तारीख चुनें और शहर का नाम भरें।

11 दिसंबर 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

11 दिसंबर 1944 को कौन-सी तिथि है?

पौष कृष्ण पक्ष एकादशी 05:47 PM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

11 दिसंबर 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 09:26 AM से 10:45 AM तक है।

11 दिसंबर 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन एकादशी व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
चंद्र 08:07 AM–09:07 AMशनि 09:07 AM–10:07 AMगुरु 10:07 AM–11:07 AMमंगल 11:07 AM–12:07 PMसूर्य 12:07 PM–01:07 PMशुक्र 01:07 PM–02:07 PMबुध 02:07 PM–03:07 PMचंद्र 03:07 PM–04:07 PMशनि 04:07 PM–05:07 PMगुरु 05:07 PM–06:07 PMमंगल 06:07 PM–07:07 PMसूर्य 07:07 PM–08:07 PMशुक्र 08:07 PM–09:07 PMबुध 09:07 PM–10:07 PMचंद्र 10:07 PM–11:07 PMशनि 11:07 PM–12:07 AMगुरु 12:07 AM–01:07 AMमंगल 01:07 AM–02:07 AMसूर्य 02:07 AM–03:07 AMशुक्र 03:07 AM–04:07 AMबुध 04:07 AM–05:07 AMचंद्र 05:07 AM–06:07 AMशनि 06:07 AM–07:07 AMगुरु 07:07 AM–08:07 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:24 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.083889°