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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

4 अगस्त 1944 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 अगस्त 1944, शुक्रवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि पूर्णिमा 07:09 PM तक, इसके बाद प्रतिपदा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र श्रावण 5 अगस्त, 2:17 AM तक, इसके बाद धनिष्ठा अगले सूर्योदय तक जारी। योग आयुष्मान 10:28 PM तक, इसके बाद सौभाग्य अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 08:44 AM तक, इसके बाद बव 07:08 PM तक, इसके बाद बालव 5 अगस्त, 5:27 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

4 अगस्त 1944, शुक्रवार को राहु काल 11:57 AM–01:37 PM तक है। चन्द्रमा मकर राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:59 AM और सूर्यास्त 08:15 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 04/08/1944 • August 4, 1944

श्रावण · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त08:15 PM
चन्द्रोदय06:27 AM
चन्द्रास्त08:18 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुग्रीष्म
धर्म और परंपरा

4 अगस्त 1944 के व्रत और त्योहार

श्रावण पूर्णिमा

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

रक्षा बंधन

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

ऋग्वेद उपाकर्म

ऋग्वेदी परंपरा में वैदिक अध्ययन के वार्षिक नवीकरण और संकल्प का अनुष्ठान।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास श्रावण, पूर्णिमांत मास श्रावण और सौर मास कर्क।

सूर्य राशि कर्क, चंद्र राशि मकर, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:10 PM–02:03 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:33 AM–06:16 AM

निशीथ काल01:15 AM–01:58 AM

अशुभ काल

राहु काल11:57 AM–01:37 PM

यमगण्ड04:56 PM–06:35 PM

गुलिक काल08:38 AM–10:18 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: हाँ · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:59 AM–09:38 AMसंगव 09:38 AM–12:17 PMमध्याह्न 12:17 PM–02:56 PMअपराह्न 02:56 PM–05:35 PMसायाह्न 05:35 PM–08:15 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 अगस्त 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 अगस्त 1944 को कौन-सी तिथि है?

श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 07:08 PM तक है, इसके बाद प्रतिपदा तिथि रहेगी।

4 अगस्त 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 11:57 AM से 01:37 PM तक है।

4 अगस्त 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन श्रावण पूर्णिमा, रक्षा बंधन, ऋग्वेद उपाकर्म सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 06:59 AM–07:59 AMबुध 07:59 AM–08:59 AMचंद्र 08:59 AM–09:59 AMशनि 09:59 AM–10:59 AMगुरु 10:59 AM–11:59 AMमंगल 11:59 AM–12:59 PMसूर्य 12:59 PM–01:59 PMशुक्र 01:59 PM–02:59 PMबुध 02:59 PM–03:59 PMचंद्र 03:59 PM–04:59 PMशनि 04:59 PM–05:59 PMगुरु 05:59 PM–06:59 PMमंगल 06:59 PM–07:59 PMसूर्य 07:59 PM–08:59 PMशुक्र 08:59 PM–09:59 PMबुध 09:59 PM–10:59 PMचंद्र 10:59 PM–11:59 PMशनि 11:59 PM–12:59 AMगुरु 12:59 AM–01:59 AMमंगल 01:59 AM–02:59 AMसूर्य 02:59 AM–03:59 AMशुक्र 03:59 AM–04:59 AMबुध 04:59 AM–05:59 AMचंद्र 05:59 AM–06:59 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:37 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.078959°