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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

2 अगस्त 1944 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 2 अगस्त 1944, बुधवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि त्रयोदशी 3 अगस्त, 12:58 AM तक, इसके बाद चतुर्दशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र मूल 08:14 AM तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा 3 अगस्त, 6:43 AM तक, इसके बाद उत्तराषाढ़ा अगले सूर्योदय तक जारी। योग वैधृति 08:25 AM तक, इसके बाद विष्कुम्भ 3 अगस्त, 5:30 AM तक, इसके बाद प्रीति अगले सूर्योदय तक जारी। करण कौलव 02:06 PM तक, इसके बाद तैतिल 3 अगस्त, 12:57 AM तक, इसके बाद गर अगले सूर्योदय तक जारी।

2 अगस्त 1944, बुधवार को राहु काल 01:37 PM–03:17 PM तक है। चन्द्रमा धनु राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:58 AM और सूर्यास्त 08:17 PM है।

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बुधवार

पंचांग 02/08/1944 • August 2, 1944

श्रावण · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:58 AM
सूर्यास्त08:17 PM
चन्द्रोदय04:24 AM
चन्द्रास्त06:24 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुग्रीष्म
धर्म और परंपरा

2 अगस्त 1944 के व्रत और त्योहार

प्रदोष व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास श्रावण, पूर्णिमांत मास श्रावण और सौर मास कर्क।

सूर्य राशि कर्क, चंद्र राशि धनु, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:10 PM–02:03 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:32 AM–06:15 AM

निशीथ काल01:16 AM–01:58 AM

अशुभ काल

राहु काल01:37 PM–03:17 PM

यमगण्ड08:37 AM–10:17 AM

गुलिक काल11:57 AM–01:37 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:58 AM–09:37 AMसंगव 09:37 AM–12:17 PMमध्याह्न 12:17 PM–02:57 PMअपराह्न 02:57 PM–05:36 PMसायाह्न 05:36 PM–08:16 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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2 अगस्त 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

2 अगस्त 1944 को कौन-सी तिथि है?

श्रावण शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 12:58 AM तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि रहेगी।

2 अगस्त 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:37 PM से 03:17 PM तक है।

2 अगस्त 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन प्रदोष व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 06:58 AM–07:58 AMचंद्र 07:58 AM–08:58 AMशनि 08:58 AM–09:58 AMगुरु 09:58 AM–10:58 AMमंगल 10:58 AM–11:58 AMसूर्य 11:58 AM–12:58 PMशुक्र 12:58 PM–01:58 PMबुध 01:58 PM–02:58 PMचंद्र 02:58 PM–03:58 PMशनि 03:58 PM–04:58 PMगुरु 04:58 PM–05:58 PMमंगल 05:58 PM–06:58 PMसूर्य 06:58 PM–07:58 PMशुक्र 07:58 PM–08:58 PMबुध 08:58 PM–09:58 PMचंद्र 09:58 PM–10:58 PMशनि 10:58 PM–11:58 PMगुरु 11:58 PM–12:58 AMमंगल 12:58 AM–01:58 AMसूर्य 01:58 AM–02:58 AMशुक्र 02:58 AM–03:58 AMबुध 03:58 AM–04:58 AMचंद्र 04:58 AM–05:58 AMशनि 05:58 AM–06:58 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:37 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.078882°