— ऑनलाइन
KundliLiveYour Kundli. Your Answers.
▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

4 अप्रैल 1944 का पंचांग, मंगलवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 अप्रैल 1944, मंगलवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 03:04 PM तक, इसके बाद द्वादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आश्लेषा 08:11 AM तक, इसके बाद मघा अगले सूर्योदय तक जारी। योग शूल 5 अप्रैल, 12:56 AM तक, इसके बाद गण्ड अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 03:03 PM तक, इसके बाद बव 5 अप्रैल, 4:23 AM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

4 अप्रैल 1944, मंगलवार को राहु काल 04:41 PM–06:15 PM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:19 AM और सूर्यास्त 07:49 PM है।

तारीख या स्थान बदलें +
मंगलवार

पंचांग 04/04/1944 • April 4, 1944

चैत्र · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:19 AM
सूर्यास्त07:49 PM
चन्द्रोदय04:50 AM
चन्द्रास्त04:50 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुशिशिर
धर्म और परंपरा

4 अप्रैल 1944 के व्रत और त्योहार

एकादशी व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास चैत्र और सौर मास मीन।

सूर्य राशि मीन, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:09 PM–01:59 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:47 AM–06:33 AM

निशीथ काल01:10 AM–01:56 AM

अशुभ काल

राहु काल04:41 PM–06:15 PM

यमगण्ड10:26 AM–12:00 PM

गुलिक काल01:34 PM–03:07 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: हाँ · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:19 AM–09:49 AMसंगव 09:49 AM–12:19 PMमध्याह्न 12:19 PM–02:49 PMअपराह्न 02:49 PM–05:19 PMसायाह्न 05:19 PM–07:48 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

तारीख चुनकर हिन्दू पंचांग देखें

किसी भी तारीख और स्थान का हिन्दू पंचांग देखने के लिए नीचे तारीख चुनें और शहर का नाम भरें।

4 अप्रैल 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 अप्रैल 1944 को कौन-सी तिथि है?

चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी 03:04 PM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

4 अप्रैल 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 04:41 PM से 06:15 PM तक है।

4 अप्रैल 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन एकादशी व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
मंगल 07:19 AM–08:19 AMसूर्य 08:19 AM–09:19 AMशुक्र 09:19 AM–10:19 AMबुध 10:19 AM–11:19 AMचंद्र 11:19 AM–12:19 PMशनि 12:19 PM–01:19 PMगुरु 01:19 PM–02:19 PMमंगल 02:19 PM–03:19 PMसूर्य 03:19 PM–04:19 PMशुक्र 04:19 PM–05:19 PMबुध 05:19 PM–06:19 PMचंद्र 06:19 PM–07:19 PMशनि 07:19 PM–08:19 PMगुरु 08:19 PM–09:19 PMमंगल 09:19 PM–10:19 PMसूर्य 10:19 PM–11:19 PMशुक्र 11:19 PM–12:19 AMबुध 12:19 AM–01:19 AMचंद्र 01:19 AM–02:19 AMशनि 02:19 AM–03:19 AMगुरु 03:19 AM–04:19 AMमंगल 04:19 AM–05:18 AMसूर्य 05:18 AM–06:18 AMशुक्र 06:18 AM–07:18 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:34 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.074296°