— ऑनलाइन
KundliLiveYour Kundli. Your Answers.
▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

21 अप्रैल 1944 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 21 अप्रैल 1944, शुक्रवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। विक्रम संवत 2001 (हेविलम्बी संवत्सर) और शक संवत 1866 (तारण संवत्सर) चल रहा है।

तिथि त्रयोदशी 09:14 AM तक, इसके बाद चतुर्दशी 22 अप्रैल, 6:08 AM तक, इसके बाद अमावस्या अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद 01:54 PM तक, इसके बाद रेवती अगले सूर्योदय तक जारी। योग वैधृति 10:03 PM तक, इसके बाद विष्कुम्भ अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 09:13 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 07:40 PM तक, इसके बाद शकुनि 22 अप्रैल, 6:07 AM तक, इसके बाद चतुष्पद अगले सूर्योदय तक जारी।

21 अप्रैल 1944, शुक्रवार को राहु काल 11:53 AM–01:30 PM तक है। चन्द्रमा मीन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:03 AM और सूर्यास्त 07:57 PM है।

तारीख या स्थान बदलें +
शुक्रवार

पंचांग 21/04/1944 • April 21, 1944

वैशाख · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय07:03 AM
सूर्यास्त07:57 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त06:05 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

21 अप्रैल 1944 के व्रत और त्योहार

मासिक शिवरात्रि

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2001, शक संवत 1866, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास वैशाख और सौर मास मेष।

सूर्य राशि मेष, चंद्र राशि मीन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:04 PM–01:55 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:34 AM–06:18 AM

निशीथ काल01:07 AM–01:51 AM

अशुभ काल

राहु काल11:53 AM–01:30 PM

यमगण्ड04:43 PM–06:20 PM

गुलिक काल08:39 AM–10:16 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:03 AM–09:38 AMसंगव 09:38 AM–12:12 PMमध्याह्न 12:12 PM–02:47 PMअपराह्न 02:47 PM–05:22 PMसायाह्न 05:22 PM–07:56 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

तारीख चुनकर हिन्दू पंचांग देखें

किसी भी तारीख और स्थान का हिन्दू पंचांग देखने के लिए नीचे तारीख चुनें और शहर का नाम भरें।

21 अप्रैल 1944 के पंचांग से जुड़े सवाल

21 अप्रैल 1944 को कौन-सी तिथि है?

वैशाख कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 09:14 AM तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि रहेगी।

21 अप्रैल 1944 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 11:53 AM से 01:30 PM तक है।

21 अप्रैल 1944 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन मासिक शिवरात्रि सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 07:03 AM–08:03 AMबुध 08:03 AM–09:03 AMचंद्र 09:03 AM–10:03 AMशनि 10:03 AM–11:03 AMगुरु 11:03 AM–12:03 PMमंगल 12:03 PM–01:03 PMसूर्य 01:03 PM–02:03 PMशुक्र 02:03 PM–03:03 PMबुध 03:03 PM–04:03 PMचंद्र 04:03 PM–05:02 PMशनि 05:02 PM–06:02 PMगुरु 06:02 PM–07:02 PMमंगल 07:02 PM–08:02 PMसूर्य 08:02 PM–09:02 PMशुक्र 09:02 PM–10:02 PMबुध 10:02 PM–11:02 PMचंद्र 11:02 PM–12:02 AMशनि 12:02 AM–01:02 AMगुरु 01:02 AM–02:02 AMमंगल 02:02 AM–03:02 AMसूर्य 03:02 AM–04:02 AMशुक्र 04:02 AM–05:02 AMबुध 05:02 AM–06:02 AMचंद्र 06:02 AM–07:02 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:29 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.074945°