— ऑनलाइन
KundliLiveYour Kundli. Your Answers.
▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

18 अगस्त 1943 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 18 अगस्त 1943, बुधवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। विक्रम संवत 2000 (दुर्मुखी संवत्सर) और शक संवत 1865 (स्वभानु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि तृतीया 03:57 PM तक, इसके बाद चतुर्थी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद 09:06 AM तक, इसके बाद उत्तर भाद्रपद अगले सूर्योदय तक जारी। योग सुकर्मा 07:13 AM तक, इसके बाद धृति 19 अगस्त, 3:55 AM तक, इसके बाद शूल अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 03:56 PM तक, इसके बाद बव 19 अगस्त, 2:37 AM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

18 अगस्त 1943, बुधवार को राहु काल 01:35 PM–03:12 PM तक है। चन्द्रमा मीन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:05 AM और सूर्यास्त 08:05 PM है।

तारीख या स्थान बदलें +
बुधवार

पंचांग 18/08/1943 • August 18, 1943

भाद्रपद · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय07:05 AM
सूर्यास्त08:05 PM
चन्द्रोदय10:13 PM
चन्द्रास्त09:32 AM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

18 अगस्त 1943 के व्रत और त्योहार

हेरम्ब संकष्टी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

कजरी तीज

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2000, शक संवत 1865, अमांत मास श्रावण, पूर्णिमांत मास भाद्रपद और सौर मास सिंह।

सूर्य राशि सिंह, चंद्र राशि मीन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:09 PM–02:01 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:37 AM–06:21 AM

निशीथ काल01:13 AM–01:57 AM

अशुभ काल

राहु काल01:35 PM–03:12 PM

यमगण्ड08:42 AM–10:20 AM

गुलिक काल11:57 AM–01:35 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:05 AM–09:41 AMसंगव 09:41 AM–12:17 PMमध्याह्न 12:17 PM–02:53 PMअपराह्न 02:53 PM–05:28 PMसायाह्न 05:28 PM–08:04 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

तारीख चुनकर हिन्दू पंचांग देखें

किसी भी तारीख और स्थान का हिन्दू पंचांग देखने के लिए नीचे तारीख चुनें और शहर का नाम भरें।

18 अगस्त 1943 के पंचांग से जुड़े सवाल

18 अगस्त 1943 को कौन-सी तिथि है?

भाद्रपद कृष्ण पक्ष तृतीया 03:57 PM तक है, इसके बाद चतुर्थी तिथि रहेगी।

18 अगस्त 1943 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:35 PM से 03:12 PM तक है।

18 अगस्त 1943 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन हेरम्ब संकष्टी, कजरी तीज सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 07:05 AM–08:05 AMचंद्र 08:05 AM–09:05 AMशनि 09:05 AM–10:05 AMगुरु 10:05 AM–11:05 AMमंगल 11:05 AM–12:05 PMसूर्य 12:05 PM–01:05 PMशुक्र 01:05 PM–02:05 PMबुध 02:05 PM–03:05 PMचंद्र 03:05 PM–04:05 PMशनि 04:05 PM–05:05 PMगुरु 05:05 PM–06:05 PMमंगल 06:05 PM–07:05 PMसूर्य 07:05 PM–08:05 PMशुक्र 08:05 PM–09:05 PMबुध 09:05 PM–10:05 PMचंद्र 10:05 PM–11:05 PMशनि 11:05 PM–12:05 AMगुरु 12:05 AM–01:05 AMमंगल 01:05 AM–02:05 AMसूर्य 02:05 AM–03:05 AMशुक्र 03:05 AM–04:05 AMबुध 04:05 AM–05:05 AMचंद्र 05:05 AM–06:05 AMशनि 06:05 AM–07:05 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:35 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.065505°