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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

3 अप्रैल 1943 का पंचांग, शनिवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 3 अप्रैल 1943, शनिवार को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। विक्रम संवत 2000 (दुर्मुखी संवत्सर) और शक संवत 1865 (स्वभानु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि त्रयोदशी 08:04 AM तक, इसके बाद चतुर्दशी 4 अप्रैल, 6:04 AM तक, इसके बाद अमावस्या अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद 09:37 PM तक, इसके बाद उत्तर भाद्रपद अगले सूर्योदय तक जारी। योग शुक्ल 04:25 PM तक, इसके बाद ब्रह्म अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 08:03 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 07:01 PM तक, इसके बाद शकुनि 4 अप्रैल, 6:03 AM तक, इसके बाद चतुष्पद अगले सूर्योदय तक जारी।

3 अप्रैल 1943, शनिवार को राहु काल 10:27 AM–12:01 PM तक है। चन्द्रमा कुंभ राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:21 AM और सूर्यास्त 07:48 PM है।

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शनिवार

पंचांग 03/04/1943 • April 3, 1943

चैत्र · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय07:21 AM
सूर्यास्त07:48 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त06:20 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुशिशिर
धर्म और परंपरा

3 अप्रैल 1943 के व्रत और त्योहार

मासिक शिवरात्रि

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 2000, शक संवत 1865, अमांत मास फाल्गुन, पूर्णिमांत मास चैत्र और सौर मास मीन।

सूर्य राशि मीन, चंद्र राशि कुंभ, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त01:10 PM–01:59 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:49 AM–06:35 AM

निशीथ काल01:11 AM–01:57 AM

अशुभ काल

राहु काल10:27 AM–12:01 PM

यमगण्ड03:07 PM–04:41 PM

गुलिक काल06:14 PM–07:48 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:21 AM–09:51 AMसंगव 09:51 AM–12:20 PMमध्याह्न 12:20 PM–02:49 PMअपराह्न 02:49 PM–05:18 PMसायाह्न 05:18 PM–07:48 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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3 अप्रैल 1943 के पंचांग से जुड़े सवाल

3 अप्रैल 1943 को कौन-सी तिथि है?

चैत्र कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 08:04 AM तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि रहेगी।

3 अप्रैल 1943 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:27 AM से 12:01 PM तक है।

3 अप्रैल 1943 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन मासिक शिवरात्रि सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शनि 07:21 AM–08:21 AMगुरु 08:21 AM–09:21 AMमंगल 09:21 AM–10:21 AMसूर्य 10:21 AM–11:21 AMशुक्र 11:21 AM–12:21 PMबुध 12:21 PM–01:21 PMचंद्र 01:21 PM–02:21 PMशनि 02:21 PM–03:21 PMगुरु 03:21 PM–04:21 PMमंगल 04:21 PM–05:21 PMसूर्य 05:21 PM–06:21 PMशुक्र 06:21 PM–07:21 PMबुध 07:21 PM–08:21 PMचंद्र 08:21 PM–09:21 PMशनि 09:21 PM–10:21 PMगुरु 10:21 PM–11:21 PMमंगल 11:21 PM–12:21 AMसूर्य 12:21 AM–01:20 AMशुक्र 01:20 AM–02:20 AMबुध 02:20 AM–03:20 AMचंद्र 03:20 AM–04:20 AMशनि 04:20 AM–05:20 AMगुरु 05:20 AM–06:20 AMमंगल 06:20 AM–07:20 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:34 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.060268°