पंचांग 04/04/1942 • April 4, 1942
4 अप्रैल 1942 के व्रत और त्योहार
इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।
नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।
यह सामान्य दैनिक पंचांग है — अपनी जन्म कुंडली के अनुसार प्रभाव और व्यक्तिगत विश्लेषण देखें →
हिन्दू कैलेंडर और राशि
विक्रम संवत 1999, शक संवत 1864, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास वैशाख और सौर मास मीन।
सूर्य राशि मीन, चंद्र राशि तुला, अधिक मास नहीं।
शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त01:09 PM–01:59 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:48 AM–06:34 AM
निशीथ काल01:11 AM–01:57 AM
अशुभ काल
राहु काल10:27 AM–12:00 PM
यमगण्ड03:08 PM–04:41 PM
गुलिक काल06:15 PM–07:49 PM
आज के विशेष योग और संकेत
अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।
पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पूर्व।
दिन के पाँच काल
चौघड़िया
शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।
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4 अप्रैल 1942 के पंचांग से जुड़े सवाल
4 अप्रैल 1942 को कौन-सी तिथि है?
वैशाख कृष्ण पक्ष तृतीया 10:49 AM तक है, इसके बाद चतुर्थी तिथि रहेगी।
4 अप्रैल 1942 को राहु काल कब है?
Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:27 AM से 12:00 PM तक है।
4 अप्रैल 1942 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?
इस दिन संकष्टी चतुर्थी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।
पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।
ग्रह होरा के 24 काल देखें
गणना संदर्भ
मध्याह्न 01:34 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.046356°