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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

23 अक्टूबर 1941 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 23 अक्टूबर 1941, गुरुवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। विक्रम संवत 1998 (जय संवत्सर) और शक संवत 1863 (वृष संवत्सर) चल रहा है।

तिथि तृतीया 10:01 AM तक, इसके बाद चतुर्थी 24 अक्टूबर, 6:45 AM तक, इसके बाद पंचमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र अनुराधा 05:02 PM तक, इसके बाद ज्येष्ठा अगले सूर्योदय तक जारी। योग सौभाग्य 05:09 PM तक, इसके बाद शोभन अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 10:00 AM तक, इसके बाद वणिज 08:20 PM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 24 अक्टूबर, 6:45 AM तक, इसके बाद बव अगले सूर्योदय तक जारी।

23 अक्टूबर 1941, गुरुवार को राहु काल 02:40 PM–04:06 PM तक है। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 07:34 AM और सूर्यास्त 06:57 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 23/10/1941 • October 23, 1941

कार्तिक · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय07:34 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय09:36 PM
चन्द्रास्त09:36 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

23 अक्टूबर 1941 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1998, शक संवत 1863, अमांत मास कार्तिक, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि वृश्चिक, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:52 PM–01:38 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:52 AM–06:43 AM

निशीथ काल12:50 AM–01:40 AM

अशुभ काल

राहु काल02:40 PM–04:06 PM

यमगण्ड05:31 PM–06:57 PM

गुलिक काल10:24 AM–11:50 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: हाँ · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 07:33 AM–09:50 AMसंगव 09:50 AM–12:07 PMमध्याह्न 12:07 PM–02:23 PMअपराह्न 02:23 PM–04:40 PMसायाह्न 04:40 PM–06:57 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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23 अक्टूबर 1941 के पंचांग से जुड़े सवाल

23 अक्टूबर 1941 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक शुक्ल पक्ष तृतीया 10:01 AM तक है, इसके बाद चतुर्थी तिथि रहेगी।

23 अक्टूबर 1941 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 02:40 PM से 04:06 PM तक है।

23 अक्टूबर 1941 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 07:33 AM–08:33 AMमंगल 08:33 AM–09:33 AMसूर्य 09:33 AM–10:33 AMशुक्र 10:33 AM–11:33 AMबुध 11:33 AM–12:33 PMचंद्र 12:33 PM–01:33 PMशनि 01:33 PM–02:33 PMगुरु 02:33 PM–03:33 PMमंगल 03:33 PM–04:33 PMसूर्य 04:33 PM–05:33 PMशुक्र 05:33 PM–06:33 PMबुध 06:33 PM–07:33 PMचंद्र 07:33 PM–08:33 PMशनि 08:33 PM–09:33 PMगुरु 09:33 PM–10:33 PMमंगल 10:33 PM–11:33 PMसूर्य 11:33 PM–12:33 AMशुक्र 12:33 AM–01:34 AMबुध 01:34 AM–02:34 AMचंद्र 02:34 AM–03:34 AMशनि 03:34 AM–04:34 AMगुरु 04:34 AM–05:34 AMमंगल 05:34 AM–06:34 AMसूर्य 06:34 AM–07:34 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 01:15 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 23.040126°