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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

21 नवंबर 1937 का पंचांग, रविवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 21 नवंबर 1937, रविवार को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। विक्रम संवत 1994 (विकृति संवत्सर) और शक संवत 1859 (ईश्वर संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्थी 11:53 PM तक, इसके बाद पंचमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आर्द्रा 05:16 PM तक, इसके बाद पुनर्वसु अगले सूर्योदय तक जारी। योग साध्य 01:34 PM तक, इसके बाद शुभ अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 01:21 PM तक, इसके बाद बालव 11:52 PM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

21 नवंबर 1937, रविवार को राहु काल 04:20 PM–05:41 PM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:53 AM और सूर्यास्त 05:41 PM है।

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रविवार

पंचांग 21/11/1937 • November 21, 1937

मार्गशीर्ष · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:53 AM
सूर्यास्त05:41 PM
चन्द्रोदय08:57 PM
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

21 नवंबर 1937 के व्रत और त्योहार

संकष्टी चतुर्थी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1994, शक संवत 1859, अमांत मास कार्तिक, पूर्णिमांत मास मार्गशीर्ष और सौर मास वृश्चिक।

सूर्य राशि वृश्चिक, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:55 AM–12:38 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:07 AM–05:59 AM

निशीथ काल11:50 PM–12:43 AM

अशुभ काल

राहु काल04:20 PM–05:41 PM

यमगण्ड12:17 PM–01:38 PM

गुलिक काल02:59 PM–04:20 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:52 AM–09:02 AMसंगव 09:02 AM–11:12 AMमध्याह्न 11:12 AM–01:21 PMअपराह्न 01:21 PM–03:31 PMसायाह्न 03:31 PM–05:41 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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21 नवंबर 1937 के पंचांग से जुड़े सवाल

21 नवंबर 1937 को कौन-सी तिथि है?

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष चतुर्थी 11:53 PM तक है, इसके बाद पंचमी तिथि रहेगी।

21 नवंबर 1937 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 04:20 PM से 05:41 PM तक है।

21 नवंबर 1937 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन संकष्टी चतुर्थी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
सूर्य 06:52 AM–07:52 AMशुक्र 07:52 AM–08:52 AMबुध 08:52 AM–09:52 AMचंद्र 09:52 AM–10:52 AMशनि 10:52 AM–11:52 AMगुरु 11:52 AM–12:52 PMमंगल 12:52 PM–01:52 PMसूर्य 01:52 PM–02:52 PMशुक्र 02:52 PM–03:52 PMबुध 03:52 PM–04:52 PMचंद्र 04:52 PM–05:52 PMशनि 05:52 PM–06:52 PMगुरु 06:52 PM–07:52 PMमंगल 07:52 PM–08:53 PMसूर्य 08:53 PM–09:53 PMशुक्र 09:53 PM–10:53 PMबुध 10:53 PM–11:53 PMचंद्र 11:53 PM–12:53 AMशनि 12:53 AM–01:53 AMगुरु 01:53 AM–02:53 AMमंगल 02:53 AM–03:53 AMसूर्य 03:53 AM–04:53 AMशुक्र 04:53 AM–05:53 AMबुध 05:53 AM–06:53 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:17 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.985392°