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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

30 अप्रैल 1923 का पंचांग, सोमवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 30 अप्रैल 1923, सोमवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। विक्रम संवत 1980 (धाता संवत्सर) और शक संवत 1845 (रुधिरोद्गारी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्दशी 06:47 AM तक, इसके बाद पूर्णिमा 1 मई, 2:58 AM तक, इसके बाद प्रतिपदा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र चित्रा 11:09 AM तक, इसके बाद स्वाती अगले सूर्योदय तक जारी। योग वज्र 07:05 AM तक, इसके बाद सिद्धि 1 मई, 2:50 AM तक, इसके बाद व्यतीपात अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 06:47 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 04:52 PM तक, इसके बाद बव 1 मई, 2:57 AM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

30 अप्रैल 1923, सोमवार को राहु काल 07:34 AM–09:12 AM तक है। चन्द्रमा तुला राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:56 AM और सूर्यास्त 07:00 PM है।

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सोमवार

पंचांग 30/04/1923 • April 30, 1923

वैशाख · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय05:56 AM
सूर्यास्त07:00 PM
चन्द्रोदय05:29 AM
चन्द्रास्त06:33 PM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

30 अप्रैल 1923 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1980, शक संवत 1845, अमांत मास वैशाख, पूर्णिमांत मास वैशाख और सौर मास मेष।

सूर्य राशि मेष, चंद्र राशि तुला, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:02 PM–12:54 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM–05:12 AM

निशीथ काल12:06 AM–12:50 AM

अशुभ काल

राहु काल07:34 AM–09:12 AM

यमगण्ड10:50 AM–12:28 PM

गुलिक काल02:06 PM–03:44 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:56 AM–08:33 AMसंगव 08:33 AM–11:10 AMमध्याह्न 11:10 AM–01:47 PMअपराह्न 01:47 PM–04:23 PMसायाह्न 04:23 PM–07:00 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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30 अप्रैल 1923 के पंचांग से जुड़े सवाल

30 अप्रैल 1923 को कौन-सी तिथि है?

वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 06:47 AM तक है, इसके बाद पूर्णिमा तिथि रहेगी।

30 अप्रैल 1923 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 07:34 AM से 09:12 AM तक है।

30 अप्रैल 1923 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
चंद्र 05:56 AM–06:56 AMशनि 06:56 AM–07:56 AMगुरु 07:56 AM–08:56 AMमंगल 08:56 AM–09:56 AMसूर्य 09:56 AM–10:56 AMशुक्र 10:56 AM–11:56 AMबुध 11:56 AM–12:56 PMचंद्र 12:56 PM–01:56 PMशनि 01:56 PM–02:56 PMगुरु 02:56 PM–03:56 PMमंगल 03:56 PM–04:56 PMसूर्य 04:56 PM–05:56 PMशुक्र 05:56 PM–06:56 PMबुध 06:56 PM–07:56 PMचंद्र 07:56 PM–08:55 PMशनि 08:55 PM–09:55 PMगुरु 09:55 PM–10:55 PMमंगल 10:55 PM–11:55 PMसूर्य 11:55 PM–12:55 AMशुक्र 12:55 AM–01:55 AMबुध 01:55 AM–02:55 AMचंद्र 02:55 AM–03:55 AMशनि 03:55 AM–04:55 AMगुरु 04:55 AM–05:55 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:28 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.782092°