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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

26 अक्टूबर 1905 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 26 अक्टूबर 1905, गुरुवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। विक्रम संवत 1962 (कालयुक्त संवत्सर) और शक संवत 1827 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि त्रयोदशी 07:52 PM तक, इसके बाद चतुर्दशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 10:19 AM तक, इसके बाद हस्त अगले सूर्योदय तक जारी। योग वैधृति 27 अक्टूबर, 1:55 AM तक, इसके बाद विष्कुम्भ अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 09:34 AM तक, इसके बाद वणिज 07:51 PM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 27 अक्टूबर, 6:03 AM तक, इसके बाद शकुनि अगले सूर्योदय तक जारी।

26 अक्टूबर 1905, गुरुवार को राहु काल 01:31 PM–02:56 PM तक है। चन्द्रमा कन्या राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:26 AM और सूर्यास्त 05:46 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 26/10/1905 • October 26, 1905

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:26 AM
सूर्यास्त05:46 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त04:02 AM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

26 अक्टूबर 1905 के व्रत और त्योहार

प्रदोष व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

मासिक शिवरात्रि

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1962, शक संवत 1827, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि कन्या, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:43 AM–12:28 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:45 AM–05:35 AM

निशीथ काल11:41 PM–12:31 AM

अशुभ काल

राहु काल01:31 PM–02:56 PM

यमगण्ड04:21 PM–05:46 PM

गुलिक काल09:16 AM–10:41 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:26 AM–08:42 AMसंगव 08:42 AM–10:58 AMमध्याह्न 10:58 AM–01:14 PMअपराह्न 01:14 PM–03:30 PMसायाह्न 03:30 PM–05:46 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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26 अक्टूबर 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

26 अक्टूबर 1905 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 07:52 PM तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि रहेगी।

26 अक्टूबर 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:31 PM से 02:56 PM तक है।

26 अक्टूबर 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 06:26 AM–07:26 AMमंगल 07:26 AM–08:26 AMसूर्य 08:26 AM–09:26 AMशुक्र 09:26 AM–10:26 AMबुध 10:26 AM–11:26 AMचंद्र 11:26 AM–12:26 PMशनि 12:26 PM–01:26 PMगुरु 01:26 PM–02:26 PMमंगल 02:26 PM–03:26 PMसूर्य 03:26 PM–04:26 PMशुक्र 04:26 PM–05:26 PMबुध 05:26 PM–06:26 PMचंद्र 06:26 PM–07:26 PMशनि 07:26 PM–08:26 PMगुरु 08:26 PM–09:26 PMमंगल 09:26 PM–10:26 PMसूर्य 10:26 PM–11:26 PMशुक्र 11:26 PM–12:26 AMबुध 12:26 AM–01:26 AMचंद्र 01:26 AM–02:26 AMशनि 02:26 AM–03:26 AMगुरु 03:26 AM–04:26 AMमंगल 04:26 AM–05:26 AMसूर्य 05:26 AM–06:26 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:06 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.537665°