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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

21 अक्टूबर 1905 का पंचांग, शनिवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 21 अक्टूबर 1905, शनिवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। विक्रम संवत 1962 (कालयुक्त संवत्सर) और शक संवत 1827 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि अष्टमी 22 अक्टूबर, 6:09 AM तक, इसके बाद नवमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पुनर्वसु 03:13 PM तक, इसके बाद पुष्य अगले सूर्योदय तक जारी। योग सिद्ध 06:27 PM तक, इसके बाद साध्य अगले सूर्योदय तक जारी। करण बालव 06:09 PM तक, इसके बाद कौलव 22 अक्टूबर, 6:08 AM तक, इसके बाद तैतिल अगले सूर्योदय तक जारी।

21 अक्टूबर 1905, शनिवार को राहु काल 09:15 AM–10:41 AM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:24 AM और सूर्यास्त 05:51 PM है।

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शनिवार

पंचांग 21/10/1905 • October 21, 1905

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:24 AM
सूर्यास्त05:51 PM
चन्द्रोदय11:58 PM
चन्द्रास्त12:46 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

21 अक्टूबर 1905 के व्रत और त्योहार

कालाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1962, शक संवत 1827, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:44 AM–12:29 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:43 AM–05:33 AM

निशीथ काल11:42 PM–12:32 AM

अशुभ काल

राहु काल09:15 AM–10:41 AM

यमगण्ड01:33 PM–02:59 PM

गुलिक काल04:25 PM–05:51 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:23 AM–08:40 AMसंगव 08:40 AM–10:58 AMमध्याह्न 10:58 AM–01:15 PMअपराह्न 01:15 PM–03:32 PMसायाह्न 03:32 PM–05:50 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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21 अक्टूबर 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

21 अक्टूबर 1905 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी 06:09 AM तक है, इसके बाद नवमी तिथि रहेगी।

21 अक्टूबर 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 09:15 AM से 10:41 AM तक है।

21 अक्टूबर 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कालाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शनि 06:23 AM–07:23 AMगुरु 07:23 AM–08:23 AMमंगल 08:23 AM–09:23 AMसूर्य 09:23 AM–10:23 AMशुक्र 10:23 AM–11:23 AMबुध 11:23 AM–12:23 PMचंद्र 12:23 PM–01:23 PMशनि 01:23 PM–02:23 PMगुरु 02:23 PM–03:23 PMमंगल 03:23 PM–04:23 PMसूर्य 04:23 PM–05:23 PMशुक्र 05:23 PM–06:23 PMबुध 06:23 PM–07:23 PMचंद्र 07:23 PM–08:23 PMशनि 08:23 PM–09:23 PMगुरु 09:23 PM–10:23 PMमंगल 10:23 PM–11:23 PMसूर्य 11:23 PM–12:23 AMशुक्र 12:23 AM–01:23 AMबुध 01:23 AM–02:23 AMचंद्र 02:23 AM–03:24 AMशनि 03:24 AM–04:24 AMगुरु 04:24 AM–05:24 AMमंगल 05:24 AM–06:24 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:07 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.537474°