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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

30 नवंबर 1905 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 30 नवंबर 1905, गुरुवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। विक्रम संवत 1962 (कालयुक्त संवत्सर) और शक संवत 1827 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्थी 11:23 AM तक, इसके बाद पंचमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 1 दिसंबर, 12:01 AM तक, इसके बाद श्रावण अगले सूर्योदय तक जारी। योग वृद्धि 1 दिसंबर, 2:10 AM तक, इसके बाद ध्रुव अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 11:22 AM तक, इसके बाद बव 10:47 PM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

30 नवंबर 1905, गुरुवार को राहु काल 01:31 PM–02:51 PM तक है। चन्द्रमा मकर राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:50 AM और सूर्यास्त 05:32 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 30/11/1905 • November 30, 1905

मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त05:32 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त09:21 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

30 नवंबर 1905 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1962, शक संवत 1827, अमांत मास मार्गशीर्ष, पूर्णिमांत मास मार्गशीर्ष और सौर मास वृश्चिक।

सूर्य राशि वृश्चिक, चंद्र राशि मकर, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:49 AM–12:32 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:03 AM–05:56 AM

निशीथ काल11:44 PM–12:37 AM

अशुभ काल

राहु काल01:31 PM–02:51 PM

यमगण्ड04:11 PM–05:32 PM

गुलिक काल09:30 AM–10:50 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:50 AM–08:58 AMसंगव 08:58 AM–11:06 AMमध्याह्न 11:06 AM–01:14 PMअपराह्न 01:14 PM–03:23 PMसायाह्न 03:23 PM–05:31 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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30 नवंबर 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

30 नवंबर 1905 को कौन-सी तिथि है?

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष चतुर्थी 11:23 AM तक है, इसके बाद पंचमी तिथि रहेगी।

30 नवंबर 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:31 PM से 02:51 PM तक है।

30 नवंबर 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 06:50 AM–07:50 AMमंगल 07:50 AM–08:50 AMसूर्य 08:50 AM–09:50 AMशुक्र 09:50 AM–10:50 AMबुध 10:50 AM–11:50 AMचंद्र 11:50 AM–12:50 PMशनि 12:50 PM–01:50 PMगुरु 01:50 PM–02:50 PMमंगल 02:50 PM–03:50 PMसूर्य 03:50 PM–04:50 PMशुक्र 04:50 PM–05:50 PMबुध 05:50 PM–06:50 PMचंद्र 06:50 PM–07:50 PMशनि 07:50 PM–08:50 PMगुरु 08:50 PM–09:50 PMमंगल 09:50 PM–10:50 PMसूर्य 10:50 PM–11:50 PMशुक्र 11:50 PM–12:50 AMबुध 12:50 AM–01:50 AMचंद्र 01:50 AM–02:50 AMशनि 02:50 AM–03:50 AMगुरु 03:50 AM–04:50 AMमंगल 04:50 AM–05:50 AMसूर्य 05:50 AM–06:50 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:10 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.539003°