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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

31 मई 1905 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 31 मई 1905, बुधवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। विक्रम संवत 1962 (कालयुक्त संवत्सर) और शक संवत 1827 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि द्वादशी 06:52 AM तक, इसके बाद त्रयोदशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र अश्विनी 12:45 PM तक, इसके बाद भरणी अगले सूर्योदय तक जारी। योग शोभन 1 जून, 1:07 AM तक, इसके बाद अतिगण्ड अगले सूर्योदय तक जारी। करण तैतिल 06:51 AM तक, इसके बाद गर 07:51 PM तक, इसके बाद वणिज अगले सूर्योदय तक जारी।

31 मई 1905, बुधवार को राहु काल 12:20 PM–02:02 PM तक है। चन्द्रमा मेष राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:32 AM और सूर्यास्त 07:08 PM है।

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बुधवार

पंचांग 31/05/1905 • May 31, 1905

ज्येष्ठ · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय05:32 AM
सूर्यास्त07:08 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त03:38 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

31 मई 1905 के व्रत और त्योहार

प्रदोष व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1962, शक संवत 1827, अमांत मास वैशाख, पूर्णिमांत मास ज्येष्ठ और सौर मास वृषभ।

सूर्य राशि वृषभ, चंद्र राशि मेष, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:52 AM–12:46 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM–04:49 AM

निशीथ काल11:58 PM–12:40 AM

अशुभ काल

राहु काल12:20 PM–02:02 PM

यमगण्ड07:14 AM–08:56 AM

गुलिक काल10:38 AM–12:20 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:31 AM–08:14 AMसंगव 08:14 AM–10:58 AMमध्याह्न 10:58 AM–01:41 PMअपराह्न 01:41 PM–04:24 PMसायाह्न 04:24 PM–07:08 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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31 मई 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

31 मई 1905 को कौन-सी तिथि है?

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी 06:52 AM तक है, इसके बाद त्रयोदशी तिथि रहेगी।

31 मई 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 12:20 PM से 02:02 PM तक है।

31 मई 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन प्रदोष व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 05:31 AM–06:31 AMचंद्र 06:31 AM–07:31 AMशनि 07:31 AM–08:31 AMगुरु 08:31 AM–09:31 AMमंगल 09:31 AM–10:31 AMसूर्य 10:31 AM–11:31 AMशुक्र 11:31 AM–12:31 PMबुध 12:31 PM–01:31 PMचंद्र 01:31 PM–02:31 PMशनि 02:31 PM–03:31 PMगुरु 03:31 PM–04:31 PMमंगल 04:31 PM–05:31 PMसूर्य 05:31 PM–06:31 PMशुक्र 06:31 PM–07:31 PMबुध 07:31 PM–08:31 PMचंद्र 08:31 PM–09:31 PMशनि 09:31 PM–10:31 PMगुरु 10:31 PM–11:31 PMमंगल 11:31 PM–12:31 AMसूर्य 12:31 AM–01:31 AMशुक्र 01:31 AM–02:31 AMबुध 02:31 AM–03:31 AMचंद्र 03:31 AM–04:31 AMशनि 04:31 AM–05:31 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:19 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.532008°