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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

18 मई 1905 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 18 मई 1905, गुरुवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। विक्रम संवत 1962 (कालयुक्त संवत्सर) और शक संवत 1827 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्दशी 06:16 AM तक, इसके बाद पूर्णिमा 19 मई, 2:56 AM तक, इसके बाद प्रतिपदा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र विशाखा 19 मई, 12:43 AM तक, इसके बाद अनुराधा अगले सूर्योदय तक जारी। योग वरीयान 12:40 PM तक, इसके बाद परिघ अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 06:15 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 04:34 PM तक, इसके बाद बव 19 मई, 2:55 AM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

18 मई 1905, गुरुवार को राहु काल 01:59 PM–03:39 PM तक है। चन्द्रमा तुला राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:36 AM और सूर्यास्त 07:01 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 18/05/1905 • May 18, 1905

वैशाख · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय05:36 AM
सूर्यास्त07:01 PM
चन्द्रोदय05:09 AM
चन्द्रास्त06:31 PM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

18 मई 1905 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1962, शक संवत 1827, अमांत मास वैशाख, पूर्णिमांत मास वैशाख और सौर मास वृषभ।

सूर्य राशि वृषभ, चंद्र राशि तुला, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:51 AM–12:45 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM–04:53 AM

निशीथ काल11:57 PM–12:39 AM

अशुभ काल

राहु काल01:59 PM–03:39 PM

यमगण्ड05:20 PM–07:01 PM

गुलिक काल08:57 AM–10:37 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:35 AM–08:16 AMसंगव 08:16 AM–10:58 AMमध्याह्न 10:58 AM–01:39 PMअपराह्न 01:39 PM–04:20 PMसायाह्न 04:20 PM–07:01 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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18 मई 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

18 मई 1905 को कौन-सी तिथि है?

वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 06:16 AM तक है, इसके बाद पूर्णिमा तिथि रहेगी।

18 मई 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:59 PM से 03:39 PM तक है।

18 मई 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 05:35 AM–06:35 AMमंगल 06:35 AM–07:35 AMसूर्य 07:35 AM–08:35 AMशुक्र 08:35 AM–09:35 AMबुध 09:35 AM–10:35 AMचंद्र 10:35 AM–11:35 AMशनि 11:35 AM–12:35 PMगुरु 12:35 PM–01:35 PMमंगल 01:35 PM–02:35 PMसूर्य 02:35 PM–03:35 PMशुक्र 03:35 PM–04:35 PMबुध 04:35 PM–05:35 PMचंद्र 05:35 PM–06:35 PMशनि 06:35 PM–07:35 PMगुरु 07:35 PM–08:35 PMमंगल 08:35 PM–09:35 PMसूर्य 09:35 PM–10:35 PMशुक्र 10:35 PM–11:35 PMबुध 11:35 PM–12:35 AMचंद्र 12:35 AM–01:35 AMशनि 01:35 AM–02:35 AMगुरु 02:35 AM–03:35 AMमंगल 03:35 AM–04:35 AMसूर्य 04:35 AM–05:35 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:18 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.531512°