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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

17 मार्च 1905 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 मार्च 1905, शुक्रवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 1961 (पिंगल संवत्सर) और शक संवत 1826 (क्रोधी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 11:05 PM तक, इसके बाद द्वादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पुष्य 18 मार्च, 12:18 AM तक, इसके बाद आश्लेषा अगले सूर्योदय तक जारी। योग अतिगण्ड 11:16 PM तक, इसके बाद सुकर्मा अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 12:06 PM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 11:04 PM तक, इसके बाद बव अगले सूर्योदय तक जारी।

17 मार्च 1905, शुक्रवार को राहु काल 11:00 AM–12:31 PM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:30 AM और सूर्यास्त 06:32 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 17/03/1905 • March 17, 1905

फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:30 AM
सूर्यास्त06:32 PM
चन्द्रोदय03:13 AM
चन्द्रास्त02:33 PM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुशिशिर
धर्म और परंपरा

17 मार्च 1905 के व्रत और त्योहार

एकादशी व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1961, शक संवत 1826, अमांत मास फाल्गुन, पूर्णिमांत मास फाल्गुन और सौर मास मीन।

सूर्य राशि मीन, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:07 PM–12:55 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:54 AM–05:42 AM

निशीथ काल12:06 AM–12:54 AM

अशुभ काल

राहु काल11:00 AM–12:31 PM

यमगण्ड03:31 PM–05:01 PM

गुलिक काल08:00 AM–09:30 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:30 AM–08:54 AMसंगव 08:54 AM–11:19 AMमध्याह्न 11:19 AM–01:43 PMअपराह्न 01:43 PM–04:07 PMसायाह्न 04:07 PM–06:31 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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17 मार्च 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

17 मार्च 1905 को कौन-सी तिथि है?

फाल्गुन शुक्ल पक्ष एकादशी 11:05 PM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

17 मार्च 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 11:00 AM से 12:31 PM तक है।

17 मार्च 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन एकादशी व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 06:30 AM–07:30 AMबुध 07:30 AM–08:30 AMचंद्र 08:30 AM–09:30 AMशनि 09:30 AM–10:30 AMगुरु 10:30 AM–11:30 AMमंगल 11:30 AM–12:30 PMसूर्य 12:30 PM–01:30 PMशुक्र 01:30 PM–02:30 PMबुध 02:30 PM–03:30 PMचंद्र 03:30 PM–04:30 PMशनि 04:30 PM–05:30 PMगुरु 05:30 PM–06:30 PMमंगल 06:30 PM–07:30 PMसूर्य 07:30 PM–08:30 PMशुक्र 08:30 PM–09:30 PMबुध 09:30 PM–10:29 PMचंद्र 10:29 PM–11:29 PMशनि 11:29 PM–12:29 AMगुरु 12:29 AM–01:29 AMमंगल 01:29 AM–02:29 AMसूर्य 02:29 AM–03:29 AMशुक्र 03:29 AM–04:29 AMबुध 04:29 AM–05:29 AMचंद्र 05:29 AM–06:29 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:31 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.529142°