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दैनिक वैदिक पंचांग

17 अगस्त 1905 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 अगस्त 1905, गुरुवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। विक्रम संवत 1962 (कालयुक्त संवत्सर) और शक संवत 1827 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि द्वितीया 11:17 AM तक, इसके बाद तृतीया अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद 18 अगस्त, 3:36 AM तक, इसके बाद उत्तर भाद्रपद अगले सूर्योदय तक जारी। योग सुकर्मा 18 अगस्त, 12:22 AM तक, इसके बाद धृति अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 11:16 AM तक, इसके बाद वणिज 18 अगस्त, 12:10 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) अगले सूर्योदय तक जारी।

17 अगस्त 1905, गुरुवार को राहु काल 02:04 PM–03:41 PM तक है। चन्द्रमा कुंभ राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:56 AM और सूर्यास्त 06:57 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 17/08/1905 • August 17, 1905

भाद्रपद · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय05:56 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त08:25 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

17 अगस्त 1905 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1962, शक संवत 1827, अमांत मास श्रावण, पूर्णिमांत मास भाद्रपद और सौर मास सिंह।

सूर्य राशि सिंह, चंद्र राशि कुंभ, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:00 PM–12:52 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM–05:12 AM

निशीथ काल12:04 AM–12:48 AM

अशुभ काल

राहु काल02:04 PM–03:41 PM

यमगण्ड05:19 PM–06:57 PM

गुलिक काल09:11 AM–10:48 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:55 AM–08:32 AMसंगव 08:32 AM–11:08 AMमध्याह्न 11:08 AM–01:44 PMअपराह्न 01:44 PM–04:20 PMसायाह्न 04:20 PM–06:56 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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17 अगस्त 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

17 अगस्त 1905 को कौन-सी तिथि है?

भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वितीया 11:17 AM तक है, इसके बाद तृतीया तिथि रहेगी।

17 अगस्त 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 02:04 PM से 03:41 PM तक है।

17 अगस्त 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 05:55 AM–06:55 AMमंगल 06:55 AM–07:55 AMसूर्य 07:55 AM–08:55 AMशुक्र 08:55 AM–09:56 AMबुध 09:56 AM–10:56 AMचंद्र 10:56 AM–11:56 AMशनि 11:56 AM–12:56 PMगुरु 12:56 PM–01:56 PMमंगल 01:56 PM–02:56 PMसूर्य 02:56 PM–03:56 PMशुक्र 03:56 PM–04:56 PMबुध 04:56 PM–05:56 PMचंद्र 05:56 PM–06:56 PMशनि 06:56 PM–07:56 PMगुरु 07:56 PM–08:56 PMमंगल 08:56 PM–09:56 PMसूर्य 09:56 PM–10:56 PMशुक्र 10:56 PM–11:56 PMबुध 11:56 PM–12:56 AMचंद्र 12:56 AM–01:56 AMशनि 01:56 AM–02:56 AMगुरु 02:56 AM–03:56 AMमंगल 03:56 AM–04:56 AMसूर्य 04:56 AM–05:56 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:26 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.53499°