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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

16 अप्रैल 1905 का पंचांग, रविवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 16 अप्रैल 1905, रविवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 1962 (कालयुक्त संवत्सर) और शक संवत 1827 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 08:57 AM तक, इसके बाद द्वादशी 17 अप्रैल, 5:54 AM तक, इसके बाद त्रयोदशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र मघा 06:17 AM तक, इसके बाद पूर्व फाल्गुनी 17 अप्रैल, 4:04 AM तक, इसके बाद उत्तर फाल्गुनी अगले सूर्योदय तक जारी। योग वृद्धि 10:24 PM तक, इसके बाद ध्रुव अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 08:56 AM तक, इसके बाद बव 07:28 PM तक, इसके बाद बालव 17 अप्रैल, 5:53 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

16 अप्रैल 1905, रविवार को राहु काल 05:09 PM–06:45 PM तक है। चन्द्रमा सिंह राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:59 AM और सूर्यास्त 06:45 PM है।

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रविवार

पंचांग 16/04/1905 • April 16, 1905

चैत्र · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त06:45 PM
चन्द्रोदय03:30 AM
चन्द्रास्त—
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

16 अप्रैल 1905 के व्रत और त्योहार

एकादशी व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1962, शक संवत 1827, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास चैत्र और सौर मास मेष।

सूर्य राशि मेष, चंद्र राशि सिंह, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:56 AM–12:47 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:29 AM–05:14 AM

निशीथ काल11:59 PM–12:44 AM

अशुभ काल

राहु काल05:09 PM–06:45 PM

यमगण्ड12:22 PM–01:57 PM

गुलिक काल03:33 PM–05:09 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:59 AM–08:32 AMसंगव 08:32 AM–11:05 AMमध्याह्न 11:05 AM–01:39 PMअपराह्न 01:39 PM–04:12 PMसायाह्न 04:12 PM–06:45 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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16 अप्रैल 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

16 अप्रैल 1905 को कौन-सी तिथि है?

चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी 08:57 AM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

16 अप्रैल 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 05:09 PM से 06:45 PM तक है।

16 अप्रैल 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन एकादशी व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
सूर्य 05:59 AM–06:59 AMशुक्र 06:59 AM–07:59 AMबुध 07:59 AM–08:59 AMचंद्र 08:59 AM–09:59 AMशनि 09:59 AM–10:59 AMगुरु 10:59 AM–11:59 AMमंगल 11:59 AM–12:59 PMसूर्य 12:59 PM–01:59 PMशुक्र 01:59 PM–02:59 PMबुध 02:59 PM–03:59 PMचंद्र 03:59 PM–04:59 PMशनि 04:59 PM–05:59 PMगुरु 05:59 PM–06:59 PMमंगल 06:59 PM–07:59 PMसूर्य 07:59 PM–08:58 PMशुक्र 08:58 PM–09:58 PMबुध 09:58 PM–10:58 PMचंद्र 10:58 PM–11:58 PMशनि 11:58 PM–12:58 AMगुरु 12:58 AM–01:58 AMमंगल 01:58 AM–02:58 AMसूर्य 02:58 AM–03:58 AMशुक्र 03:58 AM–04:58 AMबुध 04:58 AM–05:58 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:22 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.530288°