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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

13 अप्रैल 1905 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 13 अप्रैल 1905, गुरुवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। विक्रम संवत 1962 (कालयुक्त संवत्सर) और शक संवत 1827 (विश्वावसु संवत्सर) चल रहा है।

तिथि अष्टमी 02:39 PM तक, इसके बाद नवमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पुनर्वसु 09:26 AM तक, इसके बाद पुष्य अगले सूर्योदय तक जारी। योग सुकर्मा 09:23 AM तक, इसके बाद धृति अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 02:38 PM तक, इसके बाद बालव 14 अप्रैल, 2:06 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

13 अप्रैल 1905, गुरुवार को राहु काल 01:58 PM–03:33 PM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:02 AM और सूर्यास्त 06:44 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 13/04/1905 • April 13, 1905

चैत्र · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:02 AM
सूर्यास्त06:44 PM
चन्द्रोदय12:20 PM
चन्द्रास्त01:05 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुशिशिर
धर्म और परंपरा

13 अप्रैल 1905 के व्रत और त्योहार

मासिक दुर्गाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1962, शक संवत 1827, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास चैत्र और सौर मास मीन।

सूर्य राशि मीन, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:57 AM–12:48 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:31 AM–05:17 AM

निशीथ काल12:00 AM–12:45 AM

अशुभ काल

राहु काल01:58 PM–03:33 PM

यमगण्ड05:08 PM–06:44 PM

गुलिक काल09:12 AM–10:47 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: हाँ · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:02 AM–08:34 AMसंगव 08:34 AM–11:07 AMमध्याह्न 11:07 AM–01:39 PMअपराह्न 01:39 PM–04:11 PMसायाह्न 04:11 PM–06:43 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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13 अप्रैल 1905 के पंचांग से जुड़े सवाल

13 अप्रैल 1905 को कौन-सी तिथि है?

चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी 02:39 PM तक है, इसके बाद नवमी तिथि रहेगी।

13 अप्रैल 1905 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:58 PM से 03:33 PM तक है।

13 अप्रैल 1905 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 06:02 AM–07:02 AMमंगल 07:02 AM–08:02 AMसूर्य 08:02 AM–09:02 AMशुक्र 09:02 AM–10:02 AMबुध 10:02 AM–11:02 AMचंद्र 11:02 AM–12:02 PMशनि 12:02 PM–01:02 PMगुरु 01:02 PM–02:02 PMमंगल 02:02 PM–03:02 PMसूर्य 03:02 PM–04:02 PMशुक्र 04:02 PM–05:02 PMबुध 05:02 PM–06:02 PMचंद्र 06:02 PM–07:01 PMशनि 07:01 PM–08:01 PMगुरु 08:01 PM–09:01 PMमंगल 09:01 PM–10:01 PMसूर्य 10:01 PM–11:01 PMशुक्र 11:01 PM–12:01 AMबुध 12:01 AM–01:01 AMचंद्र 01:01 AM–02:01 AMशनि 02:01 AM–03:01 AMगुरु 03:01 AM–04:01 AMमंगल 04:01 AM–05:01 AMसूर्य 05:01 AM–06:01 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:23 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.530174°