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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

31 अक्टूबर 1904 का पंचांग, सोमवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 31 अक्टूबर 1904, सोमवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। विक्रम संवत 1961 (पिंगल संवत्सर) और शक संवत 1826 (क्रोधी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि सप्तमी 05:17 PM तक, इसके बाद अष्टमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पुनर्वसु 07:07 AM तक, इसके बाद पुष्य 1 नवंबर, 6:25 AM तक, इसके बाद आश्लेषा अगले सूर्योदय तक जारी। योग साध्य 03:48 PM तक, इसके बाद शुभ अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 05:16 PM तक, इसके बाद बालव 1 नवंबर, 4:32 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

31 अक्टूबर 1904, सोमवार को राहु काल 07:53 AM–09:17 AM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:29 AM और सूर्यास्त 05:43 PM है।

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सोमवार

पंचांग 31/10/1904 • October 31, 1904

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त05:43 PM
चन्द्रोदय11:41 PM
चन्द्रास्त12:18 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

31 अक्टूबर 1904 के व्रत और त्योहार

कालाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1961, शक संवत 1826, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:43 AM–12:28 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:47 AM–05:38 AM

निशीथ काल11:40 PM–12:31 AM

अशुभ काल

राहु काल07:53 AM–09:17 AM

यमगण्ड10:41 AM–12:06 PM

गुलिक काल01:30 PM–02:54 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:29 AM–08:44 AMसंगव 08:44 AM–10:58 AMमध्याह्न 10:58 AM–01:13 PMअपराह्न 01:13 PM–03:27 PMसायाह्न 03:27 PM–05:42 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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31 अक्टूबर 1904 के पंचांग से जुड़े सवाल

31 अक्टूबर 1904 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष सप्तमी 05:16 PM तक है, इसके बाद अष्टमी तिथि रहेगी।

31 अक्टूबर 1904 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 07:53 AM से 09:17 AM तक है।

31 अक्टूबर 1904 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कालाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
चंद्र 06:29 AM–07:29 AMशनि 07:29 AM–08:29 AMगुरु 08:29 AM–09:29 AMमंगल 09:29 AM–10:29 AMसूर्य 10:29 AM–11:29 AMशुक्र 11:29 AM–12:29 PMबुध 12:29 PM–01:29 PMचंद्र 01:29 PM–02:29 PMशनि 02:29 PM–03:29 PMगुरु 03:29 PM–04:29 PMमंगल 04:29 PM–05:29 PMसूर्य 05:29 PM–06:29 PMशुक्र 06:29 PM–07:29 PMबुध 07:29 PM–08:29 PMचंद्र 08:29 PM–09:29 PMशनि 09:29 PM–10:29 PMगुरु 10:29 PM–11:29 PMमंगल 11:29 PM–12:29 AMसूर्य 12:29 AM–01:29 AMशुक्र 01:29 AM–02:29 AMबुध 02:29 AM–03:29 AMचंद्र 03:29 AM–04:30 AMशनि 04:30 AM–05:30 AMगुरु 05:30 AM–06:30 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:06 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.523905°