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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

4 नवंबर 1904 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 नवंबर 1904, शुक्रवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 1961 (पिंगल संवत्सर) और शक संवत 1826 (क्रोधी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 08:46 AM तक, इसके बाद द्वादशी 5 नवंबर, 5:52 AM तक, इसके बाद त्रयोदशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 11:54 PM तक, इसके बाद हस्त अगले सूर्योदय तक जारी। योग वैधृति 5 नवंबर, 12:49 AM तक, इसके बाद विष्कुम्भ अगले सूर्योदय तक जारी। करण बालव 08:45 AM तक, इसके बाद कौलव 07:19 PM तक, इसके बाद तैतिल 5 नवंबर, 5:51 AM तक, इसके बाद गर अगले सूर्योदय तक जारी।

4 नवंबर 1904, शुक्रवार को राहु काल 10:42 AM–12:06 PM तक है। चन्द्रमा सिंह राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:32 AM और सूर्यास्त 05:40 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 04/11/1904 • November 4, 1904

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:32 AM
सूर्यास्त05:40 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त03:24 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

4 नवंबर 1904 के व्रत और त्योहार

एकादशी व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1961, शक संवत 1826, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि सिंह, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:43 AM–12:28 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:49 AM–05:40 AM

निशीथ काल11:40 PM–12:31 AM

अशुभ काल

राहु काल10:42 AM–12:06 PM

यमगण्ड02:53 PM–04:16 PM

गुलिक काल07:55 AM–09:19 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:31 AM–08:45 AMसंगव 08:45 AM–10:59 AMमध्याह्न 10:59 AM–01:12 PMअपराह्न 01:12 PM–03:26 PMसायाह्न 03:26 PM–05:39 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 नवंबर 1904 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 नवंबर 1904 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष एकादशी 08:46 AM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

4 नवंबर 1904 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:42 AM से 12:06 PM तक है।

4 नवंबर 1904 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन एकादशी व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 06:31 AM–07:32 AMबुध 07:32 AM–08:32 AMचंद्र 08:32 AM–09:32 AMशनि 09:32 AM–10:32 AMगुरु 10:32 AM–11:32 AMमंगल 11:32 AM–12:32 PMसूर्य 12:32 PM–01:32 PMशुक्र 01:32 PM–02:32 PMबुध 02:32 PM–03:32 PMचंद्र 03:32 PM–04:32 PMशनि 04:32 PM–05:32 PMगुरु 05:32 PM–06:32 PMमंगल 06:32 PM–07:32 PMसूर्य 07:32 PM–08:32 PMशुक्र 08:32 PM–09:32 PMबुध 09:32 PM–10:32 PMचंद्र 10:32 PM–11:32 PMशनि 11:32 PM–12:32 AMगुरु 12:32 AM–01:32 AMमंगल 01:32 AM–02:32 AMसूर्य 02:32 AM–03:32 AMशुक्र 03:32 AM–04:32 AMबुध 04:32 AM–05:32 AMचंद्र 05:32 AM–06:32 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:05 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.524058°