— ऑनलाइन
KundliLiveYour Kundli. Your Answers.
▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

26 नवंबर 1904 का पंचांग, शनिवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 26 नवंबर 1904, शनिवार को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। विक्रम संवत 1961 (पिंगल संवत्सर) और शक संवत 1826 (क्रोधी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि तृतीया 07:25 AM तक, इसके बाद चतुर्थी 27 नवंबर, 6:22 AM तक, इसके बाद पंचमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आर्द्रा 12:58 PM तक, इसके बाद पुनर्वसु अगले सूर्योदय तक जारी। योग शुभ 10:07 PM तक, इसके बाद शुक्ल अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 07:24 AM तक, इसके बाद बव 06:55 PM तक, इसके बाद बालव 27 नवंबर, 6:22 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

26 नवंबर 1904, शनिवार को राहु काल 09:28 AM–10:48 AM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:47 AM और सूर्यास्त 05:32 PM है।

तारीख या स्थान बदलें +
शनिवार

पंचांग 26/11/1904 • November 26, 1904

मार्गशीर्ष · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त05:32 PM
चन्द्रोदय08:37 PM
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

26 नवंबर 1904 के व्रत और त्योहार

संकष्टी चतुर्थी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1961, शक संवत 1826, अमांत मास कार्तिक, पूर्णिमांत मास मार्गशीर्ष और सौर मास वृश्चिक।

सूर्य राशि वृश्चिक, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:48 AM–12:30 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM–05:54 AM

निशीथ काल11:43 PM–12:36 AM

अशुभ काल

राहु काल09:28 AM–10:48 AM

यमगण्ड01:30 PM–02:50 PM

गुलिक काल04:11 PM–05:32 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:47 AM–08:56 AMसंगव 08:56 AM–11:05 AMमध्याह्न 11:05 AM–01:13 PMअपराह्न 01:13 PM–03:22 PMसायाह्न 03:22 PM–05:31 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

तारीख चुनकर हिन्दू पंचांग देखें

किसी भी तारीख और स्थान का हिन्दू पंचांग देखने के लिए नीचे तारीख चुनें और शहर का नाम भरें।

26 नवंबर 1904 के पंचांग से जुड़े सवाल

26 नवंबर 1904 को कौन-सी तिथि है?

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तृतीया 07:25 AM तक है, इसके बाद चतुर्थी तिथि रहेगी।

26 नवंबर 1904 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 09:28 AM से 10:48 AM तक है।

26 नवंबर 1904 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन संकष्टी चतुर्थी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शनि 06:47 AM–07:47 AMगुरु 07:47 AM–08:47 AMमंगल 08:47 AM–09:47 AMसूर्य 09:47 AM–10:47 AMशुक्र 10:47 AM–11:47 AMबुध 11:47 AM–12:47 PMचंद्र 12:47 PM–01:47 PMशनि 01:47 PM–02:47 PMगुरु 02:47 PM–03:47 PMमंगल 03:47 PM–04:47 PMसूर्य 04:47 PM–05:47 PMशुक्र 05:47 PM–06:47 PMबुध 06:47 PM–07:47 PMचंद्र 07:47 PM–08:47 PMशनि 08:47 PM–09:47 PMगुरु 09:47 PM–10:47 PMमंगल 10:47 PM–11:48 PMसूर्य 11:48 PM–12:48 AMशुक्र 12:48 AM–01:48 AMबुध 01:48 AM–02:48 AMचंद्र 02:48 AM–03:48 AMशनि 03:48 AM–04:48 AMगुरु 04:48 AM–05:48 AMमंगल 05:48 AM–06:48 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:09 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.524899°