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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

15 नवंबर 1904 का पंचांग, मंगलवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 15 नवंबर 1904, मंगलवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। विक्रम संवत 1961 (पिंगल संवत्सर) और शक संवत 1826 (क्रोधी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि अष्टमी 07:06 PM तक, इसके बाद नवमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र धनिष्ठा 07:56 PM तक, इसके बाद शतभिषा अगले सूर्योदय तक जारी। योग ध्रुव 16 नवंबर, 1:36 AM तक, इसके बाद व्याघात अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 07:05 PM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

15 नवंबर 1904, मंगलवार को राहु काल 02:50 PM–04:12 PM तक है। चन्द्रमा कुंभ राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:39 AM और सूर्यास्त 05:34 PM है।

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मंगलवार

पंचांग 15/11/1904 • November 15, 1904

कार्तिक · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:39 AM
सूर्यास्त05:34 PM
चन्द्रोदय12:58 PM
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

15 नवंबर 1904 के व्रत और त्योहार

मासिक दुर्गाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1961, शक संवत 1826, अमांत मास कार्तिक, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि कुंभ, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:44 AM–12:28 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:54 AM–05:47 AM

निशीथ काल11:40 PM–12:33 AM

अशुभ काल

राहु काल02:50 PM–04:12 PM

यमगण्ड09:22 AM–10:44 AM

गुलिक काल12:06 PM–01:28 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:39 AM–08:50 AMसंगव 08:50 AM–11:01 AMमध्याह्न 11:01 AM–01:12 PMअपराह्न 01:12 PM–03:23 PMसायाह्न 03:23 PM–05:34 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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15 नवंबर 1904 के पंचांग से जुड़े सवाल

15 नवंबर 1904 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक शुक्ल पक्ष अष्टमी 07:06 PM तक है, इसके बाद नवमी तिथि रहेगी।

15 नवंबर 1904 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 02:50 PM से 04:12 PM तक है।

15 नवंबर 1904 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
मंगल 06:39 AM–07:39 AMसूर्य 07:39 AM–08:39 AMशुक्र 08:39 AM–09:39 AMबुध 09:39 AM–10:39 AMचंद्र 10:39 AM–11:39 AMशनि 11:39 AM–12:39 PMगुरु 12:39 PM–01:39 PMमंगल 01:39 PM–02:39 PMसूर्य 02:39 PM–03:39 PMशुक्र 03:39 PM–04:39 PMबुध 04:39 PM–05:39 PMचंद्र 05:39 PM–06:39 PMशनि 06:39 PM–07:39 PMगुरु 07:39 PM–08:39 PMमंगल 08:39 PM–09:39 PMसूर्य 09:39 PM–10:39 PMशुक्र 10:39 PM–11:39 PMबुध 11:39 PM–12:40 AMचंद्र 12:40 AM–01:40 AMशनि 01:40 AM–02:40 AMगुरु 02:40 AM–03:40 AMमंगल 03:40 AM–04:40 AMसूर्य 04:40 AM–05:40 AMशुक्र 05:40 AM–06:40 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:06 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.524479°