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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

4 मई 1904 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 मई 1904, बुधवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। विक्रम संवत 1961 (पिंगल संवत्सर) और शक संवत 1826 (क्रोधी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि पंचमी 5 मई, 12:37 AM तक, इसके बाद षष्ठी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र मूल 09:18 AM तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा अगले सूर्योदय तक जारी। योग सिद्ध 07:48 PM तक, इसके बाद साध्य अगले सूर्योदय तक जारी। करण कौलव 12:09 PM तक, इसके बाद तैतिल 5 मई, 12:35 AM तक, इसके बाद गर अगले सूर्योदय तक जारी।

4 मई 1904, बुधवार को राहु काल 12:19 PM–01:57 PM तक है। चन्द्रमा धनु राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:44 AM और सूर्यास्त 06:54 PM है।

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बुधवार

पंचांग 04/05/1904 • May 4, 1904

ज्येष्ठ · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय11:04 PM
चन्द्रास्त09:23 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

4 मई 1904 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1961, शक संवत 1826, अमांत मास वैशाख, पूर्णिमांत मास ज्येष्ठ और सौर मास मेष।

सूर्य राशि मेष, चंद्र राशि धनु, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:52 AM–12:45 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:17 AM–05:00 AM

निशीथ काल11:57 PM–12:40 AM

अशुभ काल

राहु काल12:19 PM–01:57 PM

यमगण्ड07:22 AM–09:01 AM

गुलिक काल10:40 AM–12:19 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:44 AM–08:22 AMसंगव 08:22 AM–11:00 AMमध्याह्न 11:00 AM–01:38 PMअपराह्न 01:38 PM–04:16 PMसायाह्न 04:16 PM–06:54 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 मई 1904 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 मई 1904 को कौन-सी तिथि है?

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष पंचमी 12:36 AM तक है, इसके बाद षष्ठी तिथि रहेगी।

4 मई 1904 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 12:19 PM से 01:57 PM तक है।

4 मई 1904 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 05:44 AM–06:44 AMचंद्र 06:44 AM–07:44 AMशनि 07:44 AM–08:43 AMगुरु 08:43 AM–09:43 AMमंगल 09:43 AM–10:43 AMसूर्य 10:43 AM–11:43 AMशुक्र 11:43 AM–12:43 PMबुध 12:43 PM–01:43 PMचंद्र 01:43 PM–02:43 PMशनि 02:43 PM–03:43 PMगुरु 03:43 PM–04:43 PMमंगल 04:43 PM–05:43 PMसूर्य 05:43 PM–06:43 PMशुक्र 06:43 PM–07:43 PMबुध 07:43 PM–08:43 PMचंद्र 08:43 PM–09:43 PMशनि 09:43 PM–10:43 PMगुरु 10:43 PM–11:43 PMमंगल 11:43 PM–12:43 AMसूर्य 12:43 AM–01:43 AMशुक्र 01:43 AM–02:43 AMबुध 02:43 AM–03:43 AMचंद्र 03:43 AM–04:43 AMशनि 04:43 AM–05:43 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:19 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.517026°