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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

17 मई 1904 का पंचांग, मंगलवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 मई 1904, मंगलवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। विक्रम संवत 1961 (पिंगल संवत्सर) और शक संवत 1826 (क्रोधी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि द्वितीया 02:17 PM तक, इसके बाद तृतीया अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र रोहिणी 07:00 AM तक, इसके बाद मृगशिरा अगले सूर्योदय तक जारी। योग सुकर्मा 06:09 PM तक, इसके बाद धृति अगले सूर्योदय तक जारी। करण कौलव 02:16 PM तक, इसके बाद तैतिल 18 मई, 1:31 AM तक, इसके बाद गर अगले सूर्योदय तक जारी।

17 मई 1904, मंगलवार को राहु काल 03:39 PM–05:20 PM तक है। चन्द्रमा वृषभ राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:36 AM और सूर्यास्त 07:01 PM है।

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मंगलवार

पंचांग 17/05/1904 • May 17, 1904

ज्येष्ठ · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय05:36 AM
सूर्यास्त07:01 PM
चन्द्रोदय08:52 PM
चन्द्रास्त07:11 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

17 मई 1904 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1961, शक संवत 1826, अमांत मास ज्येष्ठ, पूर्णिमांत मास ज्येष्ठ और सौर मास वृषभ।

सूर्य राशि वृषभ, चंद्र राशि वृषभ, अधिक मास हाँ।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:51 AM–12:45 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM–04:53 AM

निशीथ काल11:57 PM–12:39 AM

अशुभ काल

राहु काल03:39 PM–05:20 PM

यमगण्ड08:57 AM–10:37 AM

गुलिक काल12:18 PM–01:59 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:36 AM–08:17 AMसंगव 08:17 AM–10:58 AMमध्याह्न 10:58 AM–01:39 PMअपराह्न 01:39 PM–04:20 PMसायाह्न 04:20 PM–07:01 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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17 मई 1904 के पंचांग से जुड़े सवाल

17 मई 1904 को कौन-सी तिथि है?

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वितीया 02:17 PM तक है, इसके बाद तृतीया तिथि रहेगी।

17 मई 1904 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 03:39 PM से 05:20 PM तक है।

17 मई 1904 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
मंगल 05:36 AM–06:36 AMसूर्य 06:36 AM–07:36 AMशुक्र 07:36 AM–08:36 AMबुध 08:36 AM–09:36 AMचंद्र 09:36 AM–10:36 AMशनि 10:36 AM–11:36 AMगुरु 11:36 AM–12:36 PMमंगल 12:36 PM–01:36 PMसूर्य 01:36 PM–02:35 PMशुक्र 02:35 PM–03:35 PMबुध 03:35 PM–04:35 PMचंद्र 04:35 PM–05:35 PMशनि 05:35 PM–06:35 PMगुरु 06:35 PM–07:35 PMमंगल 07:35 PM–08:35 PMसूर्य 08:35 PM–09:35 PMशुक्र 09:35 PM–10:35 PMबुध 10:35 PM–11:35 PMचंद्र 11:35 PM–12:35 AMशनि 12:35 AM–01:35 AMगुरु 01:35 AM–02:35 AMमंगल 02:35 AM–03:35 AMसूर्य 03:35 AM–04:35 AMशुक्र 04:35 AM–05:35 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:18 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.517522°